चिड़ावा, 31 मार्च 2025: होलिका दहन के बाद शुरू हुआ गणगौर पर्व विधिवत रूप से गणगौर की विदाई के साथ समाप्त हुआ। इस अवसर पर शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में ईसर और गणगौर की पूजा की गई। महिलाएं और युवतियां इस पर्व के दौरान अपनी श्रद्धा अर्पित करती रही और पर्व का जमकर आनंद लिया।
नवविवाहित महिलाओं ने अपने पतियों की लंबी उम्र के लिए व्रत रखा, वहीं अविवाहित युवतियों ने सुयोग्य वर की कामना करते हुए गणगौर की पूजा अर्चना की। इस दौरान विशेष रूप से खीर, पूरी, चूरमा और अन्य व्यंजनों का भोग गणगौर को अर्पित किया गया।
दोपहर के बाद महिलाओं और युवतियों का समूह लोकगीत गाते हुए गणगौर लेकर कॉलेज रोड स्थित महालक्ष्मी धाम सनातन आश्रम के पास पहुंचे। यहां पर प्राचीन पोद्दारो वाले गणगौर कुएं के पास पूजा अर्चना और कहानी सुनने के बाद गणगौर को कुएं में विसर्जित किया गया। इस दौरान कुछ युवतियां भावुक भी हो गईं। विसर्जन के बाद कुएं के आस-पास परिक्रमा लगाई गई।
विसर्जन स्थल के पास लगे मेले में महिलाओं और युवतियों ने जमकर खरीदारी की और मेला का आनंद लिया। इस अवसर पर शोभा, रिंकी, सुनीता, खुशी, अल्का चौधरी, टीना रामचन्द्र शर्मा, ऋतु अमित गुप्ता, निधी चौधरी, शालू वर्मा, पूनम वर्मा, सरिता वर्मा, आयुषी शर्मा, राजकुमारी तिवारी, ममता वर्मा, सोनम वर्मा समेत कई अन्य महिलाएं और युवतियां उपस्थित थीं।
गणगौर पर्व का समापन न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण था, बल्कि इसने महिलाओं और युवतियों के बीच एकता और सामूहिकता का भी प्रतीक प्रस्तुत किया। यह पर्व सामाजिक मेलजोल और धार्मिक श्रद्धा का अद्भुत उदाहरण था।