निर्जला एकादशी के मौके पर बड़ागांव में गन्ने के रस वितरण के माध्यम से दिया गया स्वदेशी का संदेश

उदयपुरवाटी, 6 जून: निर्जला एकादशी के मौके पर बड़ागांव कस्बे के घूम चक्कर स्टैंड पर आत्मनिर्भर भारत अभियान से जुड़ा एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर ज्ञान प्रकाश कुमावत ने राहगीरों को नि:शुल्क गन्ने का रस पिलाकर ‘स्वदेशी अपनाओ, विदेशी हटाओ’ का संदेश दिया। इस पहल के ज़रिए स्थानीय नागरिकों को स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने और भारतीय संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया।

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ज्ञान प्रकाश ने कार्यक्रम के दौरान बताया कि यदि देशवासी अपने रोजमर्रा के जीवन में भारतीय उत्पादों को अपनाएं, तो यह देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की कल्पना तभी साकार होगी, जब देश का हर नागरिक अपने निर्णयों में स्वदेशी को प्राथमिकता देगा। उनके अनुसार, छोटे-छोटे प्रयासों से एक बड़ा राष्ट्रीय परिवर्तन संभव है, और यह गन्ने का रस वितरण उसी दिशा में एक छोटा लेकिन प्रभावशाली प्रयास है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, दुकानदार और राहगीर शामिल हुए। गन्ने के ताजे रस का वितरण करते हुए प्रतिभागियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि स्थानीय उत्पादों का उपयोग न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ाता है, बल्कि स्वास्थ्य और सामाजिक संतुलन को भी सुदृढ़ करता है। उपस्थित लोगों ने इस विचार का समर्थन करते हुए ऐसे प्रयासों को नियमित रूप से आयोजित किए जाने की आवश्यकता जताई।

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इस जनसंपर्क अभियान के माध्यम से जहां एक ओर निर्जला एकादशी की परंपरा को जीवंत रूप दिया गया, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर स्वदेशी उत्पादों के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई गई। आयोजन को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली और इसे सामाजिक जागरूकता और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक प्रेरणादायक प्रयास माना गया।

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