उदयपुरवाटी: गिरावड़ी गौशाला में गायों की मौत पर गहराया विवाद, गोरक्षकों ने जताया आक्रोश, प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग

झुंझुनूं: जिले के उदयपुरवाटी विधानसभा क्षेत्र स्थित गिरावड़ी गांव की गौशाला में गायों की लगातार हो रही मौतों को लेकर गोरक्षक संगठनों व बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध जताया है। गौशाला में मृत गायों को खुले में फेंके जाने और उनका अंतिम संस्कार नहीं करने को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और गौशाला प्रबंधन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए।

मृत गायों को खुले में घसीट कर फेंका, मौके पर पहुंचे गोरक्षक

जानकारी के अनुसार, बीते कुछ समय से गिरावड़ी गांव की गौशाला में बड़ी संख्या में गायों की मौत हो रही है। मृत गायों को ट्रैक्टर के पीछे रस्सियों से बांधकर खुले क्षेत्र में फेंका जा रहा है, जहां पर कुत्ते उनके शवों को नोचते पाए गए। यह दृश्य देख स्थानीय गोरक्षक व बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और गौशाला परिसर में ही विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

मौके से मिले सरकारी टोकन, गायों की देखभाल में घोर लापरवाही के आरोप

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि मृत गायों के पास से बड़ी संख्या में सरकारी अनुदान के रजिस्ट्रेशन टोकन भी बरामद हुए हैं, जिससे यह संदेह गहराया है कि अनुदान के बावजूद गायों की उचित देखभाल नहीं की जा रही। प्रदर्शनकारियों ने गौशाला में गायों को सड़ा-गला चारा खिलाने का भी आरोप लगाया। मौके पर तीन गायों की मौत हो चुकी थी, जबकि तीन से चार घायल अवस्था में पड़ी थीं, जिन्हें कोई इलाज नहीं मिल रहा था।

पुलिस व प्रशासन मौके पर पहुंचा, जांच की मांग

गौशाला परिसर से ही पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई, जिसके बाद संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से बातचीत की। गोरक्षक संगठनों ने स्पष्ट मांग की कि मृत गायों को खुले में छोड़ने के बजाय गड्ढा खोदकर सम्मानजनक ढंग से दफनाया जाए और घायल गायों का तुरंत इलाज शुरू कराया जाए। साथ ही, गौशाला संचालकों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की गई।

प्रदर्शनकारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई और गौशाला में लापरवाही जारी रही तो आने वाले समय में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। गोरक्षक और बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने गायों की सुरक्षा और देखभाल को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग की है।

इस पूरे मामले ने गौशालाओं की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

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