जयपुर, राजस्थान: राजस्थान सरकार ने अब अलग-अलग विभागों में समान पदों के लिए एक साथ भर्ती परीक्षाएं आयोजित करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित समीक्षा बैठक में यह अहम फैसला लिया गया। इस निर्णय का उद्देश्य भर्ती प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, सुगम और समयबद्ध बनाना है, जिससे प्रदेश के युवाओं को शीघ्र रोजगार मिल सके।
लंबित भर्तियों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश
बैठक में प्रदेश में लंबित और भविष्य में आयोजित की जाने वाली भर्ती परीक्षाओं की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भर्ती विज्ञापन जारी करने से लेकर परीक्षा आयोजित करने, परिणाम घोषित करने और दस्तावेज़ सत्यापन (डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन) तक की पूरी प्रक्रिया को शीघ्र पूरा किया जाए। उन्होंने आदेश दिया कि अतिरिक्त संसाधन और कर्मचारी लगाकर लंबित भर्तियों को तेजी से निपटाया जाए।

मुख्य बिंदु:
- एक समान पदों की भर्ती परीक्षाएं एक साथ आयोजित होंगी।
- लंबित भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अतिरिक्त संसाधन और कर्मचारी लगाए जाएंगे।
- समय और संसाधनों की बचत के लिए भर्ती प्रक्रिया में एकरूपता लाई जाएगी।
- नवगठित जिलों में जल्द से जल्द पद सृजित कर भर्तियां कराई जाएंगी।
- भर्ती परीक्षाओं के लिए अनुपयोगी कॉलेज भवनों को परीक्षा केंद्रों में बदला जाएगा।
1.88 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन
बैठक में बताया गया कि वर्तमान में राजस्थान के विभिन्न विभागों में 1,88,000 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन भर्तियों की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए सभी विभाग मिशन मोड पर कार्य करें और जल्द से जल्द परिणाम जारी कर योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्तियां दें।
लंबित 9,800 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ी
राज्य सरकार ने अदालतों में लंबित 9,800 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए प्रभावी पैरवी की है। मुख्यमंत्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अन्य लंबित भर्ती प्रकरणों की समीक्षा कर उन्हें शीघ्र निपटाया जाए, जिससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें।
हर तीन महीने में रोजगार मेले का आयोजन
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जानकारी दी कि राज्य सरकार अब तक पांच बड़े रोजगार मेलों का आयोजन कर 67,000 से अधिक युवाओं को नौकरी दे चुकी है। आगे से प्रत्येक तीन महीने में ऐसे रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा, जिससे बेरोजगार युवाओं को जल्द से जल्द नौकरी मिल सके।

भविष्य की जरूरतों को देखते हुए भर्ती प्रक्रिया
बैठक में मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए मानव संसाधन की उपलब्धता आवश्यक है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे आने वाले वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भर्ती प्रक्रिया पूरी करें और पारदर्शिता बनाए रखें। उन्होंने कहा कि सरकार अपने संकल्प पत्र में किए गए वादों को समयबद्ध रूप से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।