बीजिंग, 4 अप्रैल 2025 – अमेरिका द्वारा चीनी उत्पादों पर 34% टैरिफ लगाने के जवाब में, चीन ने घोषणा की है कि वह 10 अप्रैल से सभी अमेरिकी उत्पादों पर 34% अतिरिक्त टैरिफ लगाएगा। यह कदम दोनों देशों के बीच व्यापार तनाव को और बढ़ा सकता है।
रेयर अर्थ एलिमेंट्स पर निर्यात नियंत्रण
चीन ने दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (रेयर अर्थ एलिमेंट्स) के निर्यात पर भी नियंत्रण लगाने की घोषणा की है, जो उच्च तकनीक उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण हैं। इनमें समैरियम, गैडोलीनियम, टेरबियम, डिस्प्रोसियम, ल्यूटेटियम, स्कैंडियम और यट्रियम शामिल हैं, जो सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन और सैन्य उपकरणों के निर्माण में उपयोग होते हैं।
अमेरिकी कंपनियों पर प्रतिबंध और WTO में शिकायत
चीन ने 16 अमेरिकी संस्थाओं को अपनी निर्यात नियंत्रण सूची में जोड़ा है और 11 अमेरिकी कंपनियों को ‘अविश्वसनीय इकाई’ सूची में रखा है। इसके अलावा, चीन ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) में अमेरिका के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, यह दावा करते हुए कि अमेरिकी टैरिफ एकतरफा हैं और वैश्विक व्यापार स्थिरता को नुकसान पहुंचाते हैं।
वैश्विक बाजारों पर प्रभाव
इन व्यापारिक तनावों के परिणामस्वरूप, वैश्विक वित्तीय बाजारों में भारी गिरावट देखी गई है। NASDAQ लगभग 5% नीचे गिरा, जिससे मंदी की आशंका बढ़ गई है। जेपी मॉर्गन ने मंदी की संभावना को 60% तक बढ़ा दिया है, जो आर्थिक चिंताओं को दर्शाता है।
ऊर्जा बाजार पर प्रभाव
तेल की कीमतें भी गिरकर $62 प्रति बैरल हो गई हैं, जो 2021 के बाद से सबसे निचला स्तर है। यह गिरावट व्यापार युद्ध और ओपेक+ द्वारा उत्पादन बढ़ाने के संयुक्त प्रभाव का परिणाम है।
अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं
कनाडा और यूरोपीय संघ सहित अन्य देश भी अमेरिकी टैरिफ के जवाब में अतिरिक्त टैरिफ लगाने की धमकी दे चुके हैं, जिससे वैश्विक व्यापार युद्ध की आशंका बढ़ गई है। चीन और यूरोपीय संघ ने संयुक्त रूप से अमेरिका के खिलाफ जवाबी कदम उठाने की चेतावनी दी है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह व्यापार युद्ध जारी रहता है, तो यह वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है और अमेरिका-चीन संबंधों को और बिगाड़ सकता है।