झुंझुनू: मोरारका कॉलेज में कार्यरत उदय सिंह नेहरा ने महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर से भौतिक शास्त्र में पीएचडी प्राप्त की। नैनो कणों और अरैखिक सतही तरंगों पर उनके शोध को उच्च शिक्षा और शोध क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
झुंझुनू जिले के उच्च शिक्षा जगत के लिए गर्व का क्षण है। श्री राधेश्याम आर मोरारका राजकीय महाविद्यालय के भौतिक शास्त्र विभाग में सहायक आचार्य के पद पर कार्यरत देवरोड निवासी डॉ. उदय सिंह नेहरा ने महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय से भौतिक शास्त्र विषय में शोध कार्य पूर्ण कर पीएचडी की उपाधि अर्जित की है। इस उपलब्धि को झुंझुनू शिक्षा जगत, मोरारका कॉलेज झुंझुनू, पीएचडी उपाधि, भौतिक शास्त्र शोध और नैनो विज्ञान जैसे विषयों से जोड़कर देखा जा रहा है।
डॉ. उदय सिंह नेहरा ने “धात्विक नैनो कणों के साथ अरैखिक सतही तरंगों की परस्पर क्रिया का अध्ययन” विषय पर शोध कार्य किया। यह शोध कार्य डूंगर कॉलेज के प्रोफेसर अजय कुमार नागर के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ।
इस शोध में धात्विक नैनो कणों और अरैखिक सतही तरंगों के बीच होने वाली परस्पर क्रिया का विश्लेषण किया गया, जो नैनो विज्ञान और आधुनिक भौतिक शास्त्र के क्षेत्र में अत्यंत उपयोगी माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार के शोध भविष्य में उन्नत प्रौद्योगिकी, संचार प्रणाली और सूक्ष्म उपकरणों के विकास में सहायक हो सकते हैं।
मोरारका कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर सुरेंद्र सिंह न्योला ने डॉ. नेहरा को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि महाविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण क्षण है और इससे अन्य शिक्षकों व विद्यार्थियों को भी शोध कार्य के प्रति प्रेरणा मिलेगी।
डॉ. उदय सिंह नेहरा ने अपनी सफलता का श्रेय शोध निर्देशक अजय कुमार नागर के मार्गदर्शन के साथ-साथ माता विमला देवी, पिता हनुमान सिंह नेहरा, धर्मपत्नी मोनिका तथा परिवारजनों और मित्रों को दिया। महाविद्यालय के प्राध्यापकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने भी उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
यह उपलब्धि न केवल मोरारका कॉलेज बल्कि पूरे झुंझुनू जिले के शिक्षा क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक है। उच्च शिक्षा, शोध उपलब्धि, पीएचडी सम्मान और भौतिक शास्त्र शोध जैसे विषयों में यह सफलता क्षेत्रीय स्तर पर नई ऊर्जा का संचार कर रही है।





