सूरजगढ़: झुंझुनूं जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत बेरला, पंचायत समिति सूरजगढ़ के ग्राम विकास अधिकारी राजकुमार को 8 लाख 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। एसीबी की इस कार्रवाई के बाद पंचायत विभाग और स्थानीय प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया।

एसीबी मुख्यालय जयपुर के निर्देश पर झुंझुनूं इकाई ने यह कार्रवाई की। जानकारी के अनुसार परिवादी गांव बेरला स्थित अपने आवासीय भूखंड में मेडिकल दुकान संचालित करता है। उसने दुकान वाले भूखंड को व्यवसायिक श्रेणी में परिवर्तित करवाने और एनओसी जारी करवाने के लिए ग्राम पंचायत बेरला में आवेदन किया था।

19 मई को मांगी गई थी रिश्वत राशि
एसीबी को मिली शिकायत में बताया गया कि ग्राम विकास अधिकारी राजकुमार ने भूखंड को व्यवसायिक में बदलने और एनओसी जारी करने की एवज में 8.50 लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया।

21 मई को फिर दोहराई रिश्वत की मांग
21 मई को गोपनीय सत्यापन के दौरान भी राजकुमार ने रिश्वत राशि स्वयं को देने की बात कही। इसके बाद एसीबी ने ट्रेप कार्रवाई की योजना तैयार की।

रिश्वत लेते ही एसीबी टीम ने दबोचा
एसीबी के उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरवीजन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र कुमार पूनियां और उनकी टीम ने रविवार को ट्रेप कार्रवाई की। आरोपित राजकुमार ने परिवादी को सूरजगढ़ स्थित दीपक मेडिकोज पर बुलाया।

जैसे ही परिवादी ने 8.50 लाख रुपये की रिश्वत राशि राजकुमार को सौंपी, एसीबी टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। एसीबी ने रिश्वत की पूरी राशि आरोपित के हाथ से बरामद कर ली।

ये अधिकारी रहे शामिल
इस पूरी कार्रवाई में एएसपी सुरेंद्र पूनिया, एएसआई रोहिताश्व सिंह, त्रिलोक सिंह, हेड कांस्टेबल कर्ण सिंह, कुमार शानू, ईशाक, विक्रम सिंह, राकेश गुर्जर व प्रमोद पूनिया शामिल रहे।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज होगा मामला
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस. परिमला के सुपरवीजन में आरोपित से पूछताछ और आगे की कार्रवाई जारी है। ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर विस्तृत अनुसंधान किया जाएगा।





