चिड़ावा: क्षेत्र में सोना बेचने के नाम पर एक सुनियोजित ठगी और अपहरण जैसे गंभीर मामले का खुलासा हुआ है। पुलिस थाना चिड़ावा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुलताना थाने के हिस्ट्रीशीटर रजनीश डारा और उसके साथी नितिश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।
यह पूरा मामला तब सामने आया जब गुजरात निवासी मेहुल भाई कातरिया ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई कि उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम के जरिए सोना बेचने का झांसा दिया गया।

सोशल मीडिया से संपर्क, फिर जाल में फंसाया
परिवादी मेहुल भाई कातरिया ने बताया कि सोना खरीदने के लिए दिए गए विज्ञापन के माध्यम से रजनीश डारा ने संपर्क किया। उसने खुद को किशोरपुरा निवासी बताते हुए 60 ग्राम सोना बैंक में गिरवी होने की बात कही और लोन चुकाकर सोना देने का प्रस्ताव रखा।

लोन के नाम पर लाखों की वसूली
दोनों पक्षों के बीच करीब 7 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। इसके बाद मेहुल अपने साथियों मंयूर और राहुल के साथ 6 अप्रैल 2026 को चिड़ावा पहुंचे। 7 अप्रैल को उन्हें गोल्ड लोन की राशि 6,66,636 रुपये बताई गई, जिसे 8 अप्रैल को यूको बैंक के जरिए आरटीजीएस करवा दिया गया।

साजिश का खतरनाक मोड़
पैसे ट्रांसफर करवाने के बाद आरोपी रजनीश डारा ने चेक लाने का बहाना बनाया और मेहुल को किशोरपुरा के पास एक खंडहरनुमा मकान में ले गया, जहां पहले से 3-4 युवक मौजूद थे।

मारपीट, धमकी और जबरन ट्रांजैक्शन
यहां मेहुल का फोन छीन लिया गया और करीब एक घंटे तक उसे बंधक बनाकर रखा गया। आरोपियों ने उसे डरा-धमकाकर फोन-पे के जरिए 37 हजार रुपये अलग-अलग नंबरों पर ट्रांसफर करवा लिए।

फिर सुनसान जगह पर फेंका
इसके बाद पीड़ित को एक बिना नंबर की बोलेरो गाड़ी में डालकर कच्चे रास्तों से होते हुए हाईवे के पास टोल बूथ के नजदीक छोड़ दिया गया।
बैंक में दिखा आरोपी, फिर भागने की कोशिश
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम तुरंत सक्रिय हुई और यूको बैंक से रिकॉर्ड जुटाए गए। इसी दौरान आरोपी रजनीश डारा बैंक में ठगी की रकम निकालने पहुंचा, लेकिन पुलिस को देखकर भागने लगा।

पीछा कर दबोचा
पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए उसका पीछा किया और उसे उसके साथी नितिश कुमार के साथ पकड़ लिया। जांच में अपराध साबित होने पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
हिस्ट्रीशीटर का लंबा आपराधिक इतिहास
रजनीश डारा पुत्र विक्रम सिंह जाट निवासी किशोरपुरा थाना सुलताना, उम्र 26 वर्ष, पहले से ही पुलिस रिकॉर्ड में हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ मारपीट, लूट और हत्या के प्रयास जैसे 14 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं।
वहीं नितिश कुमार पुत्र मनीराम मेघवाल निवासी लाम्बा गोठड़ा थाना बगड़, उम्र 20 वर्ष को भी इस मामले में सह आरोपी बनाया गया है।
इस कार्रवाई में थानाधिकारी अम्बिका चौधरी के नेतृत्व में एसआई कैलाश चन्द्र, किशन सिंह, जगदीप राव, महेंद्र कुमार, अमित डाटिका, राकेश और विकास डांगी की टीम ने अहम भूमिका निभाई।
पुलिस अब ठगी की पूरी राशि की बरामदगी और अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।




