चिड़ावा: तहसील के ग्राम गिडानिया में एक बार फिर रास्ते को लेकर विवाद भड़क उठा है। ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया है कि न्यायालय के आदेश के बावजूद गांव का पुराना कटानी रास्ता दोबारा बंद कर दिया गया है, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, खसरा नंबर 122/2, 116/2 सहित अन्य भूमि से होकर गुजरने वाला यह रास्ता 19 नवंबर 2025 को न्यायालय के आदेश के बाद खुलवाया गया था। इसके बाद यह मार्ग गांव के लिए मुख्य आवागमन का साधन बन गया था।
लेकिन आरोप है कि 8 अप्रैल 2026 को खसरा नंबर 122 और 115 के खातेदार भालाराम, सतवीर, मनीराम और भरत सिंह ने रास्ते पर गेट लगाकर और बड़े पत्थर डालकर इसे पूरी तरह बंद कर दिया।

ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता बंद होने से स्कूल वाहनों का गांव में प्रवेश रुक गया है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। एम्बुलेंस और अन्य जरूरी वाहन गांव तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे बीमार लोगों को समय पर इलाज मिलना मुश्किल हो गया है। खेतों तक पहुंचना कठिन हो गया है। बिजली मोटर खराब होने की स्थिति में उसे लाना-ले जाना भी संभव नहीं हो पा रहा है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज खसरा नंबर 122 के इस कटानी रास्ते को तुरंत प्रभाव से खुलवाया जाए। यदि रास्ता खुलवाने के दौरान विवाद की स्थिति बनती है, तो पुलिस बल की सहायता लेने की भी मांग की गई है।

ज्ञापन सौंपने के दौरान सोरन सिंह, राजपाल, सुरेश कुमार, ताराचंद और मदन लाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिससे प्रशासन की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।




