Sunday, April 12, 2026
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महापुरुषों को जातियों में बांटना उनका अपमान! फुले जयंती पर समाज को दी एकजुटता की सीख

चिड़ावा: महात्मा ज्योतिबा फुले के 199वें जन्मोत्सव के अवसर पर सामाजिक संस्था अम्बेडकर शिक्षा समिति द्वारा कृष्णा ग्रेटर मैरिज हॉल में शाम 6 बजे एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रोहिताश महरानिया ने की। अतिथियों ने फुले के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और उनके विचारों को याद किया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता धीरज सोलंकी ने अपने संबोधन में कहा कि महापुरुष समाज के लिए होते हैं, किसी एक जाति के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि फुले जैसे महान व्यक्तित्व ने सामाजिक कुरीतियों का विरोध किया और शिक्षा को बढ़ावा दिया।

धीरज सोलंकी ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले शिक्षा के बड़े समर्थक थे। उन्होंने अपनी धर्मपत्नी सावित्रीबाई फुले को पढ़ाकर देश की पहली महिला शिक्षिका बनाया। यह समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि आज हम महापुरुषों को जातियों में बांटकर उनका सम्मान नहीं बल्कि अपमान कर रहे हैं। ऐसे में सभी जातियों के लोगों को एकजुट होकर उनके जयंती पर्व मनाने चाहिए, तभी उनका सही सम्मान होगा। अम्बेडकर शिक्षा समिति द्वारा सभी वर्गों को साथ लेकर ऐसे आयोजन करना सराहनीय है।

इस अवसर पर बाबूलाल सोलंकी, योगेंद्र कटेंवा, ओमप्रकाश सैनी, उजाला चौधरी, शिवप्रसाद महरिया, महेश चंदलिया, लालचंद गोठवाल, डॉ. अजब सिंह ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में महावीर माहीच, रणधीर सिंह, कौशल्या देवी, मुकेश देवी, ओमप्रकाश मीणा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सीताराम पंवार ने किया।

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