पिलानी: बिरला स्कूल के विजय सभागार में आयोजित 6 दिवसीय कौशल संवर्धन कार्यक्रम (स्किल फेस्ट) का शानदार समापन हुआ। शाम 4 बजे से शुरू हुए इस समापन समारोह में छात्रों की प्रतिभा, नवाचार और रचनात्मकता ने सभी उपस्थित लोगों को प्रभावित कर दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की प्राचार्या काजल मारवाह द्वारा मुख्य अतिथि मेजर जनरल (अवकाश प्राप्त) एस एस नायर, अति विशिष्ट सेवा मेडल, निदेशक बिरला एजुकेशन ट्रस्ट के स्वागत से हुई। इसके बाद मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य अतिथियों ने विभिन्न कार्यशालाओं से जुड़ी प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

प्रदर्शनी में मोलेला टेराकोटा आर्ट और कच्छ की प्रसिद्ध लिपन आर्ट से बनी कलाकृतियों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। इसके साथ ही रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, एंटरप्रेन्योरशिप (बेकरी और अगरबत्ती निर्माण), वेब डिजाइनिंग और वीडियो निर्माण जैसे आधुनिक कौशलों की झलक भी देखने को मिली।

मुख्य अतिथि ने सभी प्रदर्शनों का अवलोकन करते हुए छात्रों के नवाचार और रचनात्मकता की सराहना की। यह प्रदर्शनी पारंपरिक और आधुनिक शिक्षा के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बनी।
समारोह में छात्रों ने पश्चिमी और हिंदुस्तानी संगीत की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक्स, रोबोटिक्स, साइंस विद फन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ग्राफोलॉजी जैसे विषयों पर पीपीटी प्रस्तुतियां दी गईं।

नाट्य कार्यशाला में तैयार नाटक और नृत्य कार्यशाला के प्रदर्शन ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। साथ ही वीडियो निर्माण, वेब डिजाइनिंग, रिसाइक्लिंग और मूर्तिकला से संबंधित प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को और भी रोचक बना दिया।
अपने संबोधन में एस एस नायर ने छात्रों के प्रयासों और कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कौशल विकास कार्यक्रम छात्रों के भविष्य को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यालय को इस पहल के लिए बधाई दी और छात्रों को आशीर्वाद प्रदान किया।

कार्यक्रम संयोजक मनोरंजन कुमार ने बताया कि 6 मार्च से 11 मार्च तक आयोजित इस स्किल फेस्ट में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विभिन्न कौशलों को सीखा।
समापन समारोह में महेश चंद पांडे, सुशांत कुमार बराल, सदानंद त्यागी सहित बिरला एजुकेशन ट्रस्ट के विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक और छात्र बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। संचालन ओजस और आर्यवीर सिंह द्वारा किया गया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन आर्यवीर सिंह ने प्रस्तुत किया।




