चिड़ावा: कस्बे में लगातार दो दिनों से ऐसे घटनाक्रम सामने आए हैं, जिन्होंने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। गुरुवार को जहां पुलिस आरोपियों के पीछे फिल्मी अंदाज में दौड़ती नजर आई, वहीं शुक्रवार को स्थिति उलट गई और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को ही पुलिसकर्मी के पीछे भागना पड़ा।

गुरुवार को चिड़ावा में गोल्ड लोन से जुड़े मामले में हिस्ट्रीशीटर रजनीश डारा और उसके साथी पुलिस से बचने के लिए अस्पताल, घरों और दीवारों को फांदते भागते दिखे, लेकिन पुलिस ने हार नहीं मानी और आखिरकार दोनों को गिरफ्तार कर लिया। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ।

शुक्रवार को जयपुर एसीबी की टीम चिड़ावा थाने में कार्रवाई के लिए पहुंची थी। शिकायत मिली थी कि कांस्टेबल अनिल कुमार परिवादी से रिश्वत मांग रहा है। जयपुर एसीबी डीवाईएसपी सुरेंद्र पांचोली के नेतृत्व में टीम ने थाने के सामने ट्रैप बिछाया।

जैसे ही परिवादी ने पैसे दिए, एसीबी ने चालक अनिल कुमार की गाड़ी को घेर लिया। लेकिन तभी अनिल सरकारी गाड़ी को तेज गति से पीछे लेकर भाग निकला।

पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाला दृश्य उस वक्त सामने आया जब एसीबी का जवान लक्ष्मी नारायण भागते हुए आरोपी की गाड़ी पर लटक गया। गाड़ी को तेज रफ्तार से चलाने के दौरान ही आरोपी ने उसे धक्का देकर एक दूसरी कार पर गिरा दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और साइड में खड़ी गाड़ी का पीछे का शीशा चकनाचूर हो गया।

यह पूरा घटनाक्रम CCTV कैमरे में कैद हो गया है, जिसमें जवान लक्ष्मी नारायण तेज भागती गाड़ी पर लटकता नजर आ रहा है और एसीबी के अन्य अधिकारी पैदल ही गाड़ी का पीछे भाग रहे हैं।
घायल एसीबी कार्मिक लक्ष्मी नारायण को पहले चिड़ावा उप जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर झुंझुनूं के बीडीके अस्पताल रेफर किया गया। अधिकारियों के अनुसार उसकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।

घटना के बाद पुलिस और एसीबी दोनों महकमों में हड़कंप मच गया है। आरोपी कांस्टेबल अनिल कुमार सरकारी वाहन को बाइपास पर छोड़कर फरार है। उसकी तलाश में नाकाबंदी कर अलग-अलग टीमों द्वारा संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
फिलहाल कोई भी अधिकारी खुलकर बयान देने से बच रहा है, जिससे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं और कयासबाजी जारी है।




