चिड़ावा: चिड़ावा तहसील के उन ग्रामीणों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है, जिन्होंने अपने-अपने गांवों की चारागाह भूमि को संरक्षित करने के उद्देश्य से राजस्थान उच्च न्यायालय में याचिकाएं दायर कर रखी हैं।
सूत्रों के अनुसार, उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के बावजूद तहसील क्षेत्र के कई गांवों में केवल औपचारिक कार्यवाही की जा रही है, जबकि चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। इससे याचिकाकर्ताओं में निराशा और असंतोष का माहौल है।
याचिकाकर्ताओं का मानना है कि यदि सभी प्रभावित गांवों के याचिकाकर्ता सामूहिक प्रयास और आपसी समन्वय के साथ आगे आएं, तो प्रशासन पर दबाव बनाकर न्यायालय के आदेशों का पूर्ण और प्रभावी पालन सुनिश्चित कराया जा सकता है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए याचिकाकर्ता रोहित धनखड़ ने बताया कि वर्तमान में उनके पास सभी याचिकाकर्ताओं से संपर्क का कोई सीधा और संगठित माध्यम उपलब्ध नहीं है, न ही यह स्पष्ट है कि कुल कितने गांवों से कितने लोग याचिकाकर्ता हैं। इसी उद्देश्य से यह सूचना सार्वजनिक रूप से साझा की जा रही है, ताकि अधिक से अधिक याचिकाकर्ताओं तक संदेश पहुंच सके।
उन्होंने चिड़ावा तहसील क्षेत्र के नागरिकों से अपील की है कि यदि वे किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हों, जिसने चारागाह भूमि संरक्षण को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है, तो संपर्क स्थापित कराने में सहयोग करें।
याचिकाकर्ता या संबंधित व्यक्ति व्हाट्सऐप या एसएमएस के माध्यम से मोबाइल नंबर 9945733991 पर संपर्क कर सकते हैं। कॉल हर समय संभव नहीं हो पाने की स्थिति में, संदेश प्राप्त होने पर शीघ्र संपर्क किया जाएगा।





