Tuesday, March 17, 2026
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‘इन्कलाब’ में दर्ज आज़ादी की अनकही गाथाएं: धर्मपाल गांधी की पाँचवीं पुस्तक का नोएडा में भव्य विमोचन

सूरजगढ़: कस्बे से जुड़े प्रख्यात लेखक और आदर्श समाज समिति इंडिया के अध्यक्ष धर्मपाल गांधी की नई पुस्तक ‘इन्कलाब’ का नोएडा में भव्य विमोचन हुआ। वर्तमान अंकुर प्रकाशन द्वारा प्रकाशित यह पुस्तक भारत के स्वतंत्रता संग्राम, क्रांतिकारी आंदोलन और सामाजिक परिवर्तन की ऐतिहासिक यात्रा को समर्पित है। पुस्तक विमोचन समारोह, काव्य पाठ, और भावांजलि कार्यक्रम के साथ यह आयोजन साहित्य, इतिहास और राष्ट्र चेतना का सशक्त संगम बनकर उभरा।

नोएडा में हुआ पुस्तक विमोचन एवं भावांजलि काव्य समारोह

वर्तमान अंकुर साहित्य परिवार द्वारा नोएडा में आयोजित पुस्तक विमोचन एवं भावांजलि काव्य समारोह में अनेक वरिष्ठ साहित्यकार, लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। मंच पर प्रकाश हॉस्पिटल नोएडा के अध्यक्ष वी एस चौहान, राष्ट्रीय सरपंच संघ की उपाध्यक्ष मंजू तंवर, वरिष्ठ साहित्यकार मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव शिखर, वर्तमान अंकुर प्रकाशन के प्रधान संपादक निर्मेश त्यागी वत्स, भाजपा विधि विभाग पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय संयोजक राजीव त्यागी और शिक्षाविद् मनजीत सिंह तंवर मौजूद रहे।

‘इन्कलाब’—स्वतंत्रता संग्राम पर आधारित शोधपरक पुस्तक

लेखक धर्मपाल गांधी की पुस्तक ‘इन्कलाब’ 19वीं और 20वीं शताब्दी के क्रांतिकारी सामाजिक परिवर्तनों और भारत के स्वतंत्रता संग्राम पर केंद्रित है। पुस्तक में महात्मा गांधी के दक्षिण अफ्रीका में शुरू हुए आंदोलनों से लेकर भारत में स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा देने वाले क्रांतिकारियों के संघर्ष को तथ्यात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया है।

क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों की शौर्य गाथा

पुस्तक में चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, भगवती चरण वोहरा, बटुकेश्वर दत्त, जतीन्द्रनाथ दास जैसे क्रांतिवीरों के साथ शांति घोष और सुनीति चौधरी के साहसिक संघर्ष को भी स्थान दिया गया है। इसके साथ ही गणेश शंकर विद्यार्थी, उधम सिंह, मदनलाल ढींगरा, सूर्य सेन, खुदीराम बोस, करतार सिंह सराभा, हेमू कालाणी, कनकलता बरुआ और मातंगिनी हाजरा के जीवन संघर्ष को भी पुस्तक में विस्तार से दर्ज किया गया है।

समाज सुधार और राष्ट्र निर्माण की विचारधारा

धर्मपाल गांधी ने पुस्तक में पंडित जवाहरलाल नेहरू, सुभाष चंद्र बोस, नरहरि पारिख, आचार्य विनोबा भावे और अमृतलाल ठक्कर के योगदान को भी रेखांकित किया है। इसके अलावा राजा राममोहन राय और ईश्वर चंद्र विद्यासागर द्वारा किए गए सामाजिक सुधारों को भारतीय पुनर्जागरण की क्रांतिकारी नींव के रूप में प्रस्तुत किया गया है। देश की पहली महिला बैरिस्टर कार्नेलिया सोराबजी को भी पुस्तक में सम्मानपूर्वक स्थान दिया गया है।

लेखक के विचार: युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए धर्मपाल गांधी ने कहा कि ‘इन्कलाब’ केवल इतिहास नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की चेतना है। यह पुस्तक स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम नायकों को सामने लाने का प्रयास है और युवाओं को देशभक्ति, त्याग और संघर्ष से जोड़ने का माध्यम बनेगी।

लेखक का सम्मान और अन्य पुस्तकों का विमोचन

समारोह में धर्मपाल गांधी को शाश्वत शब्द शिल्पी सम्मान से नवाज़ा गया। इस अवसर पर रामकुमार झा निकुंज की पुस्तक भारत की माटी है चंदन की, चंद्र स्वरूप बिसरिया का ग़ज़ल संग्रह दूरियां, सुनीता सोनू की इश्क की गलियों में और साझा संग्रह सरहदों की हदें का भी विमोचन किया गया। कवि सम्मेलन में भाग लेने वाले कवियों को वर्तमान अंकुर साहित्य परिवार द्वारा सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का संचालन रोहित मिश्रा, यादवेंद्र आर्य और राजदीप सिंह ने संयुक्त रूप से किया, जबकि निर्मेश त्यागी वत्स ने सभी अतिथियों और सहभागियों का आभार व्यक्त किया।

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