झुंझुनूं: जिले के सूरजगढ़ क्षेत्र के कासनी गांव की रहने वाली मुकेश कुमारी गढ़वाल बाड़मेर में बेरहमी से कत्ल की गईं। सीकर जिले के खंडेला में आंगनबाड़ी सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत मुकेश अपनी मेहनत और लगन से पहचान बना चुकी थीं। गांव में उनकी यादें आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं।
कासनी गांव में पढ़ाई से की शुरुआत
मुकेश कुमारी की शुरुआती पढ़ाई कासनी गांव के सरकारी स्कूल में आठवीं कक्षा तक हुई। बचपन से ही पढ़ाई में तेज रहने वाली मुकेश ने अपनी मेहनत के दम पर आगे की शिक्षा पूरी की और फिर आंगनबाड़ी सुपरवाइजर बनीं।
आंगनबाड़ी सुपरवाइजर बनने से पहले राजस्थान पुलिस में भी की नौकरी
मुकेश कुमारी का करियर सिर्फ शिक्षा तक सीमित नहीं रहा। वे पहले राजस्थान पुलिस में कार्यरत रहीं और उसके बाद खंडेला में आंगनबाड़ी सुपरवाइजर के पद पर नियुक्त हुईं।
शादीशुदा जीवन और निजी संघर्ष
मुकेश कुमारी की शादी पिलानी तहसील क्षेत्र के छापड़ा गांव में हुई थी। लेकिन यह शादी उनकी मर्जी से नहीं हुई थी और यही कारण था कि वे कभी ससुराल नहीं गईं। निजी जीवन के संघर्षों ने उन्हें अक्सर गांव से दूर रखा।
आठ भाई-बहनों में सबसे छोटी थीं मुकेश कुमारी
मुकेश आठ भाई-बहनों में सबसे छोटी थीं। उनके पांच भाई धर्मपाल, मनवीर, जगवीर, जयचंद और रोशन थे, जिनमें से रोशन का निधन हो चुका है। दो बहनें भी हैं। गांव में भाई धर्मपाल गढ़वाल ई-मित्र और स्टेशनरी की दुकान चलाते हैं।
कासनी गांव में गहरा दुख
गांव कासनी में जब लोगों को यह खबर मिली कि मुकेश कुमारी की बाड़मेर में हत्या हो गई है, तो हर कोई स्तब्ध रह गया। पिता लिखमाराम गढ़वाल का निधन पहले ही 2014 में हो चुका था। अब परिवार के सामने यह गहरा सदमा आ गया है।





