चिड़ावा: इंडस्ट्रियल एरिया स्थित शार्प शॉट शूटिंग अकादमी के युवा निशानेबाज़ों ने 68वीं राष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर पूरे झुंझुनूं जिले का मान बढ़ाया। प्रतियोगिता में शामिल 24 खिलाड़ियों में से 20 शूटर्स ने अंतरराष्ट्रीय ट्रायल के लिए क्वालिफाई कर क्षेत्र को गर्व का मौका दिया। राजस्थान के खेल प्रेमियों में इस उपलब्धि को लेकर खास उत्साह है, जिससे शूटिंग स्पोर्ट्स और चिड़ावा का नाम तेजी से देशभर में उभर रहा है।
चिड़ावा में डांगर रोड स्थित शार्प शॉट शूटिंग अकादमी से 24 खिलाड़ियों ने हाल ही में आयोजित 68वीं राष्ट्रीय शूटिंग चैम्पियनशिप में भाग लिया और उत्कृष्ट प्रदर्शन कर कई नए रिकॉर्ड बनाए। इनमें से 20 निशानेबाज़ों ने राष्ट्रीय मंच पर शानदार स्कोर किए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले ट्रायल के लिए अपनी जगह सुनिश्चित की। खिलाड़ियों की यह सफलता साबित करती है कि ग्रामीण इलाके से निकलकर भी निशानेबाज़ी जैसे तकनीकी खेल में उच्चतम स्तर तक पहुंचा जा सकता है।
अकादमी के कोच के अनुसार, अब तक संस्था से कुल 68 खिलाड़ी विभिन्न आयु वर्गों में राष्ट्रीय स्तर तक खेल चुके हैं। सीनियर और मास्टर कैटेगरी के अनुभवी शूटर्स भी लगातार नई प्रतिभाओं को प्रेरित कर रहे हैं। ओपन, जूनियर और सब जूनियर वर्ग में लगातार बढ़ती उपलब्धियां चिड़ावा के साथ पूरे जिला झुंझुनूं को शूटिंग मैप पर तेजी से आगे बढ़ा रही हैं।
अकादमी के निदेशक और कोच कैप्टन विनोद काजला राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता के रूप में खिलाड़ियों को तकनीकी प्रशिक्षण दे रहे हैं। उनके साथ SAI प्रमाणित कोच विकाश काजला युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन को निखार रहे हैं। दोनों प्रशिक्षकों का मानना है कि अनुशासित अभ्यास, उच्च स्तरीय कोचिंग और आधुनिक उपकरणों के संयोजन से भविष्य में और भी बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा
अकादमी के सभी खिलाड़ी आगामी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में पदक जीतने की तैयारी में जुटे हैं। कई निशानेबाज़ भविष्य में एशियन गेम्स, वर्ल्ड कप और ओलंपिक तक पहुंचने का सपना साझा कर रहे हैं। चिड़ावा और आसपास के गांवों में खेलों के प्रति रुचि बढ़ रही है, जिससे नए खिलाड़ी भी अकादमी से जुड़ रहे हैं।
चिड़ावा और आसपास के इलाकों में शार्प शॉट शूटिंग अकादमी की इस अभूतपूर्व उपलब्धि से उत्साह का माहौल है। ग्रामीण परिवारों को पहली बार करीब से देखने को मिल रहा है कि कठिन परिश्रम से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचना संभव है। खेल प्रेमियों को विश्वास है कि आने वाला समय इस क्षेत्र के लिए स्वर्णिम साबित होगा।





