चिड़ावा: शहर की सफाई व्यवस्था से आमजन ही नहीं अब तो शहर के वार्डों के पार्षद भी बुरी तरह से परेशान हैं। अपनी इसी समस्या को लेकर आक्रोशित पार्षदों ने नगरपालिका चिड़ावा के ईओ दिनेश कुमार को ज्ञापन सौंपा।
पार्षदों का आरोप है कि वार्डवासी उन्हें वार्ड में सफाई व्यवस्था की लगातार शिकायत करतें हैं जबकि नगरपालिका चिड़ावा में उनकी इस समस्या बाबत कोई सुनवाई नहीं होती है।

वार्ड नंबर पुराना 31 व नया 44 की पार्षद सुभिता भगासरा ने बताया कि उनके वार्ड में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं और पिछले एक सप्ताह से घरों से कचरा संग्रहण करने वाले ऑटो टिपर भी आना बंद हो गए हैं।
वार्ड नंबर पुराना 29 व नया 39 के पार्षद सतपाल जांगिड़ ने आरोप लगाया कि नगरपालिका चिड़ावा द्वारा शहर में संचालित हो रहे ऑटो टिपरों की इंश्योरेंस के लिए लगभग 4 लाख 50 हजार रुपए का भुगतान किया गया है जबकि ज्यादातर ऑटो टिपर पत्थरों पर कबाड़ की तरह खड़े हैं।
वार्ड नंबर पुराना 27 व नया 29 के पार्षद निरंजन लाल सैनी ने आरोप लगाया कि नगरपालिका चिड़ावा की कार्यकारिणी समाप्त होने के बाद से शहर की सफाई व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। उन्होंने कहा कि पशुधन के मर जाने पर उसे उठाने के लिए भी किसानों से नगरपालिका प्रशासन द्वारा 21 सौ रुपए लिए जाते हैं। इस वजह से किसान पर दोहरी मार होती है।

वार्ड नंबर पुराना 13 व नया 27 के पार्षद देवेंद्र सैनी उनके वार्ड में नालियां कचरे से भरी पड़ी हैं। पिछले 10 दिनों से हो रही बारिश की वजह से ऑवरफ्लो होकर नाली का सारा कचरा वार्ड की सड़कों पर फ़ैल गया है जिससे राहगीरों को पैदल निकलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन सौंपने वालों में सतपाल जांगिड़, निरंजन लाल सैनी, देवेंद्र सैनी, पार्षद प्रतिनिधि कुलदीप भगासरा सहित अन्य लोग शामिल रहे।




