सूरजगढ़: महात्मा गांधी के बलिदान दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक संस्थान आदर्श समाज समिति इंडिया के कार्यालय में गांधी जीवन दर्शन पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस विचार गोष्ठी की अध्यक्षता शिक्षाविद् एवं समाजसेवी मनजीत सिंह तंवर ने की। कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर एवं दो मिनट का मौन धारण कर राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि देने से हुई।

गांधीजी के विचारों का प्रचार-प्रसार समय की मांग

कार्यक्रम में आदर्श समाज समिति इंडिया के अध्यक्ष धर्मपाल गांधी, वीर तेजाजी विकास संस्थान के अध्यक्ष जगदेव सिंह खरड़िया, शिक्षाविद् राजपाल सिंह फोगाट, योगाचार्य डॉ. प्रीतम सिंह खुगांई, समाजसेवी इंद्र सिंह शिल्ला, पूर्व बैंक प्रबंधक बाबूलाल बडगूजर, शिवदान सिंह भालोठिया सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

वक्ताओं ने कहा कि महात्मा गांधी न केवल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी नेता थे, बल्कि उन्होंने अहिंसा और सत्याग्रह के माध्यम से दुनिया को शांति का मार्ग दिखाया। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के खिलाफ आवाज उठाई और भारत में ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ चंपारण सत्याग्रह, खेड़ा सत्याग्रह, असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन, दांडी मार्च और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे बड़े जनांदोलनों का नेतृत्व किया।

गांधीजी की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक

वक्ताओं ने जोर दिया कि आज की दुनिया में बढ़ती हिंसा और असहिष्णुता को रोकने के लिए गांधीजी के विचारों को अपनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने मानवाधिकारों के संरक्षण, सामाजिक न्याय और समानता की पैरवी की। उनके प्रयासों से ही डॉ. राजेंद्र प्रसाद, जेबी कृपलानी, सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे नेता राष्ट्रीय आंदोलन से जुड़े

भारत विभाजन की पीड़ा और गांधीजी का बलिदान

सभा में वक्ताओं ने 15 अगस्त 1947 को देश की आजादी के साथ हुई विभाजन की त्रासदी पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए अंतिम समय तक प्रयास किया, लेकिन 30 जनवरी 1948 को उनकी हत्या कर दी गई। उनकी पुण्यतिथि को शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है।

विचार गोष्ठी में इनका रहा योगदान

इस कार्यक्रम में दरिया सिंह डीके, विकास बुडानिया, महेश कुमार, अनिल सैनी, भंवर सिंह, सुनील गांधी, अंजू गांधी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। सभी ने महात्मा गांधी के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया और युवाओं को उनके विचारों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया

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