पिलानी: समय भले ही छह दशक के करीब पहुंच गया हो, लेकिन सच्ची मित्रता और स्कूल के दिनों की यादें कभी पुरानी नहीं होतीं। इसका भावुक उदाहरण उस समय देखने को मिला जब वर्ष 1970 में भिवानी जिले के लोहारू स्थित राजकीय उच्च विद्यालय से कक्षा 10वीं उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों का करीब 56 वर्षों बाद पुनर्मिलन समारोह आयोजित किया गया। गुरुग्राम में लोकतंत्र सेनानी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष महावीर भारद्वाज के निवास पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में पुराने सहपाठी जैसे ही एक-दूसरे से मिले, भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा।

बचपन की शरारतों से लेकर शिक्षकों के मार्गदर्शन तक हुई चर्चा
करीब 56 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद मिले इन साथियों ने अपने स्कूल जीवन की अनगिनत यादों को ताजा किया। किसी ने कक्षा की शरारतों को याद किया तो किसी ने शिक्षकों के अनुशासन और मार्गदर्शन को जीवन की सबसे बड़ी सीख बताया। वर्षों बाद एक-दूसरे को देखकर सभी के चेहरे खुशी से खिल उठे और पूरा वातावरण आत्मीयता व अपनत्व से भर गया।

महावीर भारद्वाज ने बताया कि कार्यक्रम में शामिल अधिकांश पूर्व विद्यार्थियों की आयु वर्तमान में 72 से 75 वर्ष के बीच है, लेकिन उनके उत्साह, ऊर्जा और उमंग में किसी प्रकार की कमी दिखाई नहीं दी। पूरे दिन सभी ने अपने जीवन के संघर्ष, उपलब्धियों और पारिवारिक अनुभवों को साझा किया। यह मिलन समारोह सभी के लिए अविस्मरणीय बन गया।

1970 की बोर्ड परीक्षा के सफल विद्यार्थियों ने फिर से जोड़ा पुराना रिश्ता
महावीर भारद्वाज ने बताया कि पहली कक्षा से लेकर दसवीं तक लगभग दस वर्षों तक साथ पढ़ने वाले मित्रों का 56 वर्षों तक अलग-अलग स्थानों पर रहने के बाद अचानक मिलना किसी भावुक क्षण से कम नहीं था। कई साथियों ने कहा कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि जीवन के इस पड़ाव पर उन्हें अपने बचपन के दोस्तों के साथ बैठकर फिर से पुरानी यादों को जीने का अवसर मिलेगा।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1970 में आयोजित कक्षा 10वीं की परीक्षा में कुल 63 विद्यार्थियों में से 21 छात्र सफल हुए थे। इन्हीं सफल विद्यार्थियों के सम्मान और पुनर्मिलन के उद्देश्य से यह विशेष समारोह आयोजित किया गया।

शिक्षाविदों ने किया सम्मान, नई पीढ़ी के लिए बताया प्रेरणादायक
समारोह में उपस्थित पूर्व विद्यार्थियों का सम्मान शिक्षाविद् डॉ. अशोक दिवाकर तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महानगर संचालक जगदीश ग्रोवर ने किया। उन्होंने कहा कि जीवन में मित्रता, संस्कार और रिश्तों का महत्व समय के साथ और अधिक बढ़ जाता है। ऐसे आयोजन केवल पुराने मित्रों को जोड़ने का कार्य नहीं करते, बल्कि नई पीढ़ी को भी संबंधों की अहमियत समझाने का संदेश देते हैं।

विभिन्न शहरों से पहुंचे पूर्व छात्र, गजानंद शर्मा ने निभाई संयोजक की महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम में लोहारू, भिवानी, दिल्ली, जयपुर, पिलानी, गुरुग्राम तथा राजस्थान के सूरजगढ़ सहित विभिन्न क्षेत्रों से पूर्व छात्र पहुंचे। समारोह के सफल आयोजन में पिलानी निवासी तथा विद्युत विभाग से सेवानिवृत्त गजानंद शर्मा ने संयोजक की भूमिका निभाई।

समारोह में बहादुर सिंह सैनी, वेद प्रकाश धतरवाल, डॉ. बुद्धदेव आर्य, लखीराम स्योराण, एडवोकेट प्रताप सिंह धतरवाल, मनीराम अग्रवाल, बाबूलाल, बजरंग लाल शर्मा, डॉ. उमाशंकर शर्मा, इंद्राज सिंह, अतर सिंह, राजवीर सिंह और रामप्रताप सहित अनेक पूर्व छात्र मौजूद रहे।
यह पुनर्मिलन केवल पुराने दोस्तों की मुलाकात भर नहीं था, बल्कि उन सुनहरे दिनों की पुनर्स्मृति भी था जिन्होंने इन सभी के व्यक्तित्व और जीवन की नींव रखी। 56 वर्षों बाद मिले इन साथियों ने यह साबित कर दिया कि सच्ची मित्रता पर समय का कोई प्रभाव नहीं पड़ता।





