उदयपुरवाटी: क्षेत्र में स्थित मनसा माता कंजर्वेशन रिजर्व की भूमि पर अवैध कब्जे की कोशिश सामने आने के बाद वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पक्का निर्माण कार्य रुकवा दिया। मामला गिरावड़ी गांव का है, जहां खसरा नंबर 224 की रक्षित वन भूमि पर स्थायी ढांचा खड़ा करने का प्रयास किया जा रहा था।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से बंद कराया। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह भूमि संरक्षित श्रेणी में आती है और यहां किसी भी प्रकार का निर्माण पूर्णतः प्रतिबंधित है।
प्राथमिक जांच में सामने आया कि संबंधित भूमि पर मंदिर से जुड़े एक परिवार द्वारा पक्का निर्माण कराया जा रहा था। वन विभाग ने संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। अधिकारियों का कहना है कि धार्मिक आस्था का सम्मान अपनी जगह है, लेकिन रक्षित वन भूमि पर स्थायी निर्माण कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है।
वन अधिकारियों ने बताया कि मनसा माता कंजर्वेशन रिजर्व क्षेत्र जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। ऐसे क्षेत्र में अतिक्रमण या स्थायी ढांचा खड़ा करना सीधे तौर पर वन अधिनियम का उल्लंघन है।
वन विभाग के अनुसार पिछले दो महीनों में झुंझुनूं जिले में 500 बीघा से अधिक वन भूमि से अवैध कब्जे हटाए जा चुके हैं। विभाग ने अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत कई स्थानों पर बुलडोजर कार्रवाई भी की है।
अधिकारियों ने दोहराया कि वन विभाग की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और रक्षित वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वन विभाग ने स्पष्ट चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो जुर्माना, निर्माण ध्वस्तीकरण और आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
उदयपुरवाटी–झुंझुनूं क्षेत्र में वन भूमि पर बढ़ते अतिक्रमण को लेकर विभाग अब पूरी तरह सतर्क है और भविष्य में ऐसी किसी भी कोशिश पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।





