झुंझुनूं, राजस्थान में पुलिस हिरासत में एक लड़के की मौत के मामले में मंड्रेला थाना के SHO समेत 8 लोगों के खिलाफ मर्डर का मामला दर्ज किया गया है। इस घटना के बाद तत्कालीन थानाधिकारी रविन्द्र कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है।
घटना का विवरण
24 मई को मंड्रेला पुलिस ने गौरव शर्मा को जयपुर से गिरफ्तार किया था। गौरव पर एक युवती के साथ रेप का आरोप था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस हिरासत में गौरव की तबीयत बिगड़ गई और 29 मई को उसकी मौत हो गई। पुलिस ने दावा किया कि गौरव को जयपुर के सिंधी कैंप से गिरफ्तार किया गया था, लेकिन परिजनों ने इसे गलत बताया। परिजनों का कहना है कि उसे जयपुर हाईकोर्ट से गिरफ्तार किया गया था।
परिजनों की मांगें
गौरव के परिजनों ने SHO और पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने और आर्थिक सहायता देने की मांग की थी। इस मांग को लेकर मृतक का शव पिछले 6 दिनों से बीडीके अस्पताल के मॉर्च्यूरी में रखा हुआ था।
प्रशासन की कार्रवाई
सीकर आईजी, एसपी राजर्षी वर्मा, कलेक्टर चिमन्य गोपाल समेत अन्य अधिकारियों ने परिजनों से मीटिंग की। रात 2 बजे मंड्रेला थाना के SHO रविन्द्र कुमार समेत 8 पुलिसकर्मियों धर्मपाल, सुमेर सिंह, अंकित कुमार, मुकेश, योगेन्द्र, लक्ष्मण सैनी, विकास कुमार स्वामी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया। प्रशासन ने परिजनों को तत्काल 50,000 रुपए की सहायता भी दी।

युवती की शिकायत और पुलिस की भूमिका
गौरव पर जिस युवती ने रेप का आरोप लगाया था, उसने पहले अपनी इच्छा से उसके साथ गई बताया। बाद में युवती ने आरोप लगाया कि गौरव ने उसे नौकरी का झांसा देकर घर से भगाया, जबरन शादी की और रेप किया। इस मामले में पुलिस की कार्यशैली और गौरव की गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। गौरव पर पहले से दहेज प्रताड़ना का मामला था, लेकिन कोई संगीन आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। फिर भी उसे 5000 का ईनामी अपराधी घोषित किया गया।
निष्कर्ष
यह मामला पुलिस हिरासत में मौत और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके।






