पिलानी: झुंझुनूं जिले में स्थित ऐतिहासिक नरहड़़ दरगाह शरीफ में 757वां उर्स 15 जनवरी से विधिवत प्रारंभ होगा। हजरत हाजिब शकरबार शाह के आस्ताने पर तीन दिवसीय उर्स के दौरान देशभर से हजारों जायरीन पहुंचेंगे। धार्मिक आस्था, साम्प्रदायिक सौहार्द और कौमी एकता की मिसाल माने जाने वाले इस उर्स के लिए प्रशासनिक और धार्मिक तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।
कौमी एकता की मिसाल नरहड़़ दरगाह में तीन दिन तक होंगी उर्स की रस्में
नरहड़ पीर बाबा का सालाना उर्स 15 जनवरी को शाम चार बजे रस्म-ए-गिलाफ और कुरआनख्वानी के साथ प्रारंभ होगा। दरगाह परिसर में बड़ी संख्या में इबादतगुजार और जायरीन जुटेंगे। दूसरे दिन 16 जनवरी की सुबह मजार शरीफ का गुस्ल और रस्म-ए-फातेहा के साथ मुख्य उर्स आयोजित होगा। असर की नमाज के बाद दरगाह में गुस्ल के छीटें, कुरानख्वानी और देश के विभिन्न हिस्सों से आए फनकारों द्वारा कव्वालियां पेश की जाएंगी। तीसरे दिन शनिवार, 17 जनवरी को हजरत धरसुवाले बाबा की फातेहा और कुल के साथ उर्स का समापन होगा।
दरगाह फाउंडेशन द्वारा लंगर और भंडारा, जायरीन का विशेष स्वागत
हर वर्ष की परंपरा की तरह इस बार भी नरहड़ दरगाह फाउंडेशन की ओर से विशाल लंगर और भंडारे की व्यवस्था रहेगी। प्रबंधन समिति ने बताया कि शुक्रवार को आने वाले सभी जायरीन के लिए भोजन, पानी और आराम के इंतजाम किए गए हैं। फाउंडेशन दरगाह परिसर को फूलों से सजाकर विशेष जलसे और दुआओं का आयोजन करेगा।
प्रशासन ने ठहराव से सुरक्षा तक किए पुख्ता इंतजाम
उर्स को लेकर प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। उपखंड अधिकारी नरेश सोनी व चिड़ावा डीवाईएसपी विकास धींधवाल ने पार्किंग, भीड़ नियंत्रण, चिकित्सा सहायता और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। तहसील प्रशासन और स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने दरगाह प्रबंधन और खादिम समूह के साथ चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। बड़ी संख्या में पहुंचने वाले जायरीनों को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए वक्फ बोर्ड ने इंतजामिया कमेटी का गठन किया है।

बीमारी से मुक्ति की मान्यता, दूर-दूर से आते हैं श्रद्धालु
दरगाह खादिम शाहिद पठान ने कहा कि पीर बाबा के आस्ताने पर ऐसी मान्यता है कि यहां लगने वाला पवित्र सन्दल असाध्य रोगों से मुक्ति दिलाता है। इसी विश्वास के साथ देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में लोग नरहड़ दरगाह पहुंचते हैं। कई जायरिन दरगाह की चौखट पर माथा टेककर मनोकामनाएं पूरी होने की दुआ करते हैं।
व्यवस्थाओं की समीक्षा में प्रशासन और स्थानीय प्रतिनिधि शामिल
प्रबंधन बैठक में नरेश सोनी के साथ विकास धींधवाल, कैलाश सिंह कविया, चंद्रभान चौधरी, करीम पीर, हाजी अजीज खान पठान, सुमेर रणवा, पियूष चतुर्वेदी, नरेंद्र भास्कर, निधि मिश्रा और चिड़ावा BCMO भी शामिल रहे। सभी ने उर्स के दौरान होने वाली गतिविधियों, सुरक्षा, सफाई, चिकित्सा और आपात सेवाओं को लेकर विचार-विमर्श किया।





