झुंझुनूं जिले के लिए मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणाएं, सड़क और पेयजल पर जोर

झुंझुनूं, 12 मार्च, 2025: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने विधानसभा में बजट 2025-26 के उपर हुई बहस के दौरान झुंझुनूं जिले के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। इन घोषणाओं में पेयजल संकट को दूर करने, सड़क संपर्क को मजबूत करने, और सामाजिक विकास को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया है। स्थानीय विधायकों और जनप्रतिनिधियों की मांगों को ध्यान में रखते हुए इन योजनाओं को तैयार किया गया है, जिससे जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो सके।

पेयजल संकट का समाधान

मुख्यमंत्री ने गर्मी के मौसम में पेयजल की समस्या से निपटने के लिए राज्यव्यापी योजना के तहत झुंझुनूं जिले को भी शामिल किया है। बजट में पहले 1,500 हैण्डपम्प लगाने की घोषणा की गई थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 2,500 कर दिया गया है। झुंझुनूं में भी इन हैण्डपम्पों की स्थापना से गर्मी के दिनों में पानी की कमी से जूझ रहे गांवों को राहत मिलेगी। इसके अलावा, जिला स्तर पर ग्रीष्मकालीन आपात स्थिति (Summer Contingency) के लिए 1 करोड़ रुपये का अनटाइड फंड भी आवंटित किया गया है, जिससे पेयजल समस्याओं का तुरंत समाधान हो सके।

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सड़क संपर्क को बढ़ावा

झुंझुनूं जिले में सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए कई परियोजनाओं की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री ने जिले में सड़कों के निर्माण और सुदृढ़ीकरण के लिए निम्नलिखित कार्यों को मंजूरी दी है:

  1. अगुणी ढाणी सोलाना से भूकाना बाइपास सड़क (3.5 किमी): इस सड़क के लिए 90 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया है, जो सुलताना क्षेत्र में संपर्क को बेहतर बनाएगा।
  2. बलौदा से उरिका सड़क (2.5 किमी): सूरजगढ़ में इस सड़क के निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
  3. डुमोली खुर्द से शिंधियाला बालाजी मंदिर तक सीसी सड़क (1 किमी): सूरजगढ़ क्षेत्र में इस सड़क के लिए 80 लाख रुपये का बजट रखा गया है।
  4. किठाना (सुलताना-किठाना सड़क) से सुलताना-खुडोत सड़क का डामरीकरण (4 किमी): इस परियोजना के लिए 1 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
  5. डेडा चाहरों की ढाणी से चिम्मा वाला बरस सड़क (1.5 किमी): सूरजगढ़ में इस सड़क के लिए 60 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
  6. नागबास से हरियाणा बॉर्डर को जोड़ने वाली सड़क (4 किमी): सूरजगढ़ क्षेत्र में इस सड़क के लिए 1 करोड़ 60 लाख रुपये का प्रावधान है।
  7. जोड़ीया से सिलारपुरी सड़क (2.5 किमी): सूरजगढ़ में इस सड़क के लिए 1 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
  8. पन्नेसिंहपुरा से मुडनपुरा सड़क (1.5 किमी): सूरजगढ़ में इस सड़क के लिए 60 लाख रुपये का प्रावधान है।
  9. बुहाना से धालोडा आश्रम सड़क (1.5 किमी): सूरजगढ़ क्षेत्र में इस सड़क के लिए 60 लाख रुपये का बजट रखा गया है।
  10. अरामी ढाणी से झाल्डी जोड़ी से बुगाला बाइपास व मिश्राणी से पीपल जोहड़ सड़क (5 किमी): नवलगढ़ क्षेत्र में इस सड़क के लिए 1 करोड़ 50 लाख रुपये का आवंटन किया गया है।
  11. लाख की ढाणी सीमा से झटपट बालाजी होते हुए डूमरखां तक सड़क (2.5 किमी): नवलगढ़ में इस सड़क के लिए 75 लाख रुपये का बजट निर्धारित है।
  12. बापर से कुंम्हारों का बास व नाथजी का कुआ सड़क (5 किमी): चिड़ावा क्षेत्र में इस सड़क के लिए 1 करोड़ 35 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।

इन सड़क परियोजनाओं से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार

झुंझुनूं जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए भी कदम उठाए गए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाखल को सुदृढ़ करने के लिए बेड क्षमता में वृद्धि की घोषणा की गई है। इसके अलावा, झुंझुनूं शहर में सीवरेज लाइन कार्य के लिए बजट आवंटित किया गया है, जिससे शहर की स्वच्छता में सुधार होगा। बगड़ में प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय की घोषणा की गई है।

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132 केवी जीएसएस की स्थापना

जिले के मुकुन्दगढ़ में 132 केवी जीएसएस की स्थापना की घोषणा की गई है।

सामाजिक और प्रशासनिक विकास

  1. नगर पालिकाओं का गठन: झुंझुनूं जिले में मलसीसर, मंडरेला, और बुहाना को नई नगर पालिकाओं के रूप में स्थापित करने की घोषणा की गई है। इससे इन क्षेत्रों में शहरी सुविधाओं का विस्तार होगा और स्थानीय प्रशासन मजबूत होगा।
  2. सुरक्षा और सुशासन: राज्यव्यापी योजना के तहत झुंझुनूं में भी सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स का गठन होगा, जिससे महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था में सुधार होगा।

स्थानीय प्रतिक्रिया

झुंझुनूं जिले के निवासियों और जनप्रतिनिधियों ने इन घोषणाओं का स्वागत किया है। स्थानीय विधायकों का कहना है कि सड़क और पेयजल जैसी मूलभूत समस्याओं पर ध्यान देना जिले के विकास के लिए जरूरी था। हालांकि, कुछ ग्रामीण क्षेत्रों से मांग उठ रही है कि इन परियोजनाओं को जल्द से जल्द लागू किया जाए ताकि आमजन को इसका लाभ मिल सके।

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