जम्मू-कश्मीर: गुलमर्ग में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़, गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंजा इलाका, 5 जवान घायल

जम्मू-कश्मीर: गुलमर्ग के बूटापथरी इलाके में आतंकियों ने सेना के एक वाहन पर हमला कर दिया, जिसमें पांच जवान घायल हो गए हैं। जागरण न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, यह घटना उत्तरी कश्मीर के उड़ी सेक्टर के गुलमर्ग सब-सेक्टर में हुई। रिपोर्ट्स के अनुसार, सेना और आतंकियों के बीच गोलीबारी अभी भी जारी है, और सुरक्षाबल लगातार स्थिति पर नियंत्रण पाने के प्रयास में जुटे हुए हैं। घायल जवानों को तुरंत इलाज के लिए निकटतम सैन्य अस्पताल में ले जाया गया है। सेना ने इलाके में आतंकियों की तलाश के लिए घेराबंदी कर दी है और मुठभेड़ में और अधिक जवान तैनात कर दिए गए हैं।

इस हमले ने घाटी में बढ़ते आतंकवादी गतिविधियों पर गंभीर चिंता पैदा की है, जहां हाल के दिनों में आतंकवादियों ने गैर-स्थानीय नागरिकों को भी निशाना बनाया है।

त्राल में उत्तर प्रदेश के मजदूर पर आतंकी हमला, घायल

गुरुवार को इससे पहले, जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल इलाके में आतंकवादियों ने उत्तर प्रदेश के बिजनौर निवासी शुभम कुमार को गोली मार दी। यह हमला तब हुआ जब शुभम बटागुंड गांव में अपने काम पर था। अधिकारियों के अनुसार, उसके हाथ में गोली लगी है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

यह पिछले एक हफ्ते में कश्मीर में गैर-स्थानीय मजदूरों पर तीसरा हमला है, जो घाटी में बढ़ते आतंकवादी हमलों की चिंताओं को और बढ़ाता है। गैर-स्थानीय नागरिकों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, जिससे राज्य के बाहर से आने वाले मजदूरों में भय का माहौल पैदा हो रहा है।

राजनेताओं की कड़ी प्रतिक्रिया

इन घटनाओं पर राजनेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और सरकार से आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है। पूर्व उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता कविंदर गुप्ता ने कश्मीर घाटी में प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने केंद्र सरकार और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन से आग्रह किया कि जम्मू-कश्मीर की स्थिति को और बिगड़ने से बचाने के लिए त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाए।

पिछले हमलों का सिलसिला जारी

कश्मीर में गैर-स्थानीय मजदूरों पर हमले लगातार बढ़ रहे हैं। पिछले रविवार को गांदरबल जिले में एक निर्माण स्थल पर हुए हमले में छह गैर-स्थानीय मजदूर और एक स्थानीय डॉक्टर मारे गए थे। इसके अलावा, 18 अक्टूबर को शोपियां जिले में बिहार के एक मजदूर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इन घटनाओं से यह साफ हो रहा है कि आतंकवादी जानबूझकर गैर-स्थानीय मजदूरों को निशाना बना रहे हैं ताकि राज्य में अस्थिरता फैल सके।

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