कुवैत में इमारत में भीषण आग: 40 भारतीयों की मौत, 30 घायल

कुवैत, मंगाफ शहर। कुवैत के मंगाफ शहर की एक इमारत में लगी भीषण आग में 40 भारतीय मजदूरों के मरने की खबर है। इन मृतकों में 5 मजदूर केरल के रहने वाले थे। इस हादसे में 30 भारतीयों समेत 50 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हालांकि, अब तक 40 भारतीयों की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस हादसे में 30 भारतीयों के घायल होने की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि भारतीय राजदूत ने घटनास्थल पर पहुंचकर घायलों से मुलाकात की है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह हादसा कुवैत के समयानुसार सुबह करीब 6 बजे हुआ।

सुबह ग्राउंड फ्लोर के किचन में लगी आग तेजी से पूरी इमारत में फैल गई। आग लगने के कारण कई लोग इमारत के अंदर ही फंसे रह गए। आग लगने की वजह का अब तक पता नहीं चला है।

कुवैत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, बिल्डिंग में 160 से ज्यादा मजदूर रह रहे थे। गृह मंत्री शेख फहद अल-यूसुफ ने बताया कि इमारत में कई लोग अवैध रूप से रह रहे थे, इसलिए अभी मरने वालों के बारे में पुख्ता जानकारी नहीं है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना को दुखदायी बताते हुए संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कुवैत में आग लगने की घटना अत्यंत दुखद है। मेरी संवेदनाएं उन सभी के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल जल्द से जल्द स्वस्थ हो जाएं। पीएम ने कहा कि कुवैत में भारतीय दूतावास स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और प्रभावितों की सहायता के लिए वहां के अधिकारियों के साथ काम कर रहा है।

कुवैत के गृह मंत्री शेख फहद अल-यूसुफ अल-सबह ने बिल्डिंग के मालिक को गिरफ्तार करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से रियल एस्टेट मालिक के लालच की वजह से ऐसी घटनाएं होती हैं। ज्यादा किराए के लालच में बिल्डिंग ओनर्स एक ही कमरे में कई लोगों को ठहराते हैं और इमारत की सुरक्षा व्यवस्था को नजरअंदाज कर देते हैं।

बिल्डिंग के मालिक मलयाली बिजनेसमैन केजी अब्राहम हैं। मलयाली मीडिया ऑनमनोरमा की रिपोर्ट के अनुसार, बिल्डिंग में रहने वाले भारतीय केरल और तमिलनाडु के थे। यह बिल्डिंग NBTC ग्रुप की थी, जो कंस्ट्रक्शन सेक्टर की कंपनी है। इमारत के मालिक केजी अब्राहम केरल के तिरुवल्ला के व्यवसायी हैं। केजी अब्राहम, जिन्हें केजीए के नाम से भी जाना जाता है, केजीए समूह के संस्थापक और अध्यक्ष हैं। यह कंपनी 1977 से कुवैत के ऑयल एंड इंडस्ट्रीज का हिस्सा है।

यह घटना कुवैत में भारतीय समुदाय के लिए एक बड़ी त्रासदी है और भारतीय दूतावास लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। स्थानीय अधिकारियों और भारतीय दूतावास के प्रयासों से पीड़ितों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

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