झुंझुनूं: अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद का 96वां बलिदान दिवस इंदिरा नगर स्थित भगतसिंह पार्क में श्रद्धा और संकल्प के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन शहीद भगतसिंह विचार मंच झुंझुनूं और सामाजिक न्याय अधिकार मंच झुंझुनूं के तत्वावधान में किया गया।
सभा के दौरान ‘जय भीम’, ‘इंकलाब जिंदाबाद’ और ‘चंद्रशेखर आजाद अमर रहें’ के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। वक्ताओं ने सामाजिक न्याय, शिक्षा में समान अवसर और किसानों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए।
सभा को संबोधित करते हुए संयोजक बजरंग लाल एडवोकेट ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद ने शोषणमुक्त समाज के निर्माण के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए, लेकिन आज भी जातिगत भेदभाव के कारण छात्र-छात्राएं आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक उत्पीड़न को रोकने के उद्देश्य से लाए गए यूजीसी 2026 को Supreme Court of India द्वारा स्थगन दिया जाना चिंताजनक है।
सभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यूजीसी 2026 को पूर्ण रूप से लागू कराने के लिए व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा।
भीम आर्मी जिलाध्यक्ष विकास आल्हा ने जानकारी दी कि 6 मार्च को सुबह 11 बजे जिले की सभी तहसील और उपखंड कार्यालयों पर धरना-प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। वहीं 16 मार्च को दोपहर 12 बजे अंबेडकर पार्क झुंझुनूं से जिला कलेक्ट्रेट तक विशाल रैली निकालकर जनसभा की जाएगी।
सभा में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निंदा करते हुए गिरफ्तार छात्रों की रिहाई की मांग भी उठाई गई।
वक्ताओं ने अमेरिका को कृषि उत्पादों के आयात की खुली छूट और भारतीय किसानों के निर्यात पर 18 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने को किसान विरोधी कदम बताया। इस संबंध में संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी आंदोलन का समर्थन करने की घोषणा की गई।
सभा में रामचन्द्र कुलहरी, डा. सम्पत बारूपाल, चंद्रप्रकाश धूपिया, महेश चौमाल, कैप्टन शुभकरण महला, मालीराम वर्मा, महेन्द्र सिंह चारावास, रामानंद आर्य, कैलाश लाहोरा, लियाकत अली, चौधरी महताब, मोहनलाल, कपिल आर्य, सहीराम जाखड़ सहित अनेक वक्ताओं ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन बजरंग लाल एडवोकेट ने किया।





