पिलानी: राजस्थानी भाषा और साहित्य को नई पहचान दिलाने वाले वरिष्ठ कवि एवं साहित्यकार नागराज शर्मा का शुक्रवार को विप्र समाज द्वारा अभिनंदन एवं सम्मान किया गया। ब्राह्मण समाज झुंझुनूं के तत्वावधान में आयोजित इस सम्मान समारोह में समाज जनों ने भाग लेकर उनकी साहित्य साधना को नमन किया। इस दौरान पूरे वातावरण में सम्मान, आत्मीयता और सांस्कृतिक गौरव की भावना दिखाई दी।

जानकारी देते हुए महेश बसावतिया ने बताया कि राजस्थानी भाषा और साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने तथा समाज में भाषा-संस्कृति की अलख जगाने पर पिलानी स्थित निवास पर यह सम्मान समारोह आयोजित किया गया। महेश बसावतिया के नेतृत्व में विप्र समाज ने नागराज शर्मा का शॉल, दुपट्टा, श्रीफल, माल्यार्पण एवं पारंपरिक पगड़ी पहनाकर अभिनंदन किया।

मौजूद वक्ताओं ने कहा कि नागराज शर्मा ने अपनी लेखनी के माध्यम से राजस्थानी भाषा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य किया है। उनकी साहित्य साधना समाज और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। वक्ताओं ने कहा कि भाषा, संस्कृति और परंपरा के संरक्षण में साहित्यकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है और नागराज शर्मा ने इस दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है।

इस दौरान गोभक्त एवं धर्मानुरागी साहित्यकार विमला देवी शर्मा का भी सम्मान किया गया। समारोह में मौजूद समाजजनों ने कहा कि साहित्यकारों और प्रतिभाओं का सम्मान करना सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में सकारात्मक पहल है।

पवन पुजारी, शिवचरण पुरोहित, नगेन्द्र शर्मा, पवन तिवारी, मातुराम वर्मा, जगदीश प्रसाद जोशी और कैलाश पति रुथला सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान समाजजनों ने राजस्थानी भाषा के संरक्षण और साहित्यिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का संकल्प भी दोहराया।




