चिड़ावा: महिला उद्यमी समिति कार्यालय में पुन: उपयोग योग्य कपड़ा सैनिटरी पैड निर्माण एवं सिलाई पर आधारित 6 दिवसीय पायलट कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन अंबुजा फाउंडेशन, अनाहत फॉर चेंज फाउंडेशन तथा बिट्स पिलानी के कृती सेंटर के संयुक्त सहयोग से किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाना और उन्हें स्वरोजगार एवं स्थायी आजीविका से जोड़ना रहा।

कार्यशाला के दौरान प्रतिभागी महिलाओं को पुन: उपयोग योग्य कपड़ा सैनिटरी पैड की उपयोगिता, सुरक्षित इस्तेमाल, सिलाई तकनीक और उत्पाद गुणवत्ता से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में प्रायोगिक सत्र भी आयोजित किए गए, जिनमें महिलाओं ने स्वयं सैनिटरी पैड तैयार करना सीखा। विशेषज्ञों ने बताया कि कपड़ा आधारित पुन: उपयोग योग्य पैड स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित होने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक हैं और कम लागत में लंबे समय तक उपयोग किए जा सकते हैं।

प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को छोटे स्तर पर उद्यम शुरू करने और सैनिटरी पैड निर्माण को आय के साधन के रूप में विकसित करने के बारे में भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम से जुड़ी टीम ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार की पहल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में प्रभावी साबित हो सकती है।

कार्यक्रम के समापन समारोह में बिट्स पिलानी के निदेशक सुधीर कुमार आदित्य बिड़ला समूह के मुख्य वित्त अधिकारी अरुण खेतान तथा अंबुजा फाउंडेशन के क्षेत्रीय प्रबंधक विष्णु प्रसाद ने महिलाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहलें महिलाओं को स्वास्थ्य जागरूकता, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही हैं।

उन्होंने बताया कि पुन: उपयोग योग्य कपड़ा सैनिटरी पैड निर्माण ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और आय सृजन का प्रभावी विकल्प बन सकता है। इससे महिलाओं में मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर जागरूकता भी बढ़ेगी और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।

पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम का समन्वय बिट्स पिलानी के काकतिया सेंटर फॉर रूरल इनोवेशंस, टेक्नोलॉजी एंड इम्पैक्ट की प्रमुख त्रिवेणी रॉय तथा सॉल्व प्रोजेक्ट से जुड़ी सृष्टि अग्रवाल द्वारा किया गया। उनके मार्गदर्शन में सभी प्रशिक्षण सत्रों और गतिविधियों का सफल संचालन हुआ।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर अंबुजा फाउंडेशन की कल्पना कटियार ने सभी प्रतिभागी महिलाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सकारात्मक कदम हैं।

कार्यक्रम के दौरान मनोज, विक्रम, श्रेष्ठा सान्याल, पंकज, फेडरेशन स्टाफ सदस्य तथा बिट्स पिलानी से जुड़े अन्य प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।




