पिलानी: कस्बे में स्थित गुलाबराय स्मृति भवन में सोमवार दोपहर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें संत समाज और विभिन्न हिंदू संगठनों ने मिलकर गौ माता को राष्ट्रीय दर्जा दिलाने के लिए बड़ा संकल्प लिया। बैठक में उपस्थित संतों और कार्यकर्ताओं ने इसे राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन बनाने की रणनीति तैयार की।
इस बैठक का आयोजन महंत चंद्रमादास महाराज के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ, जबकि अध्यक्षता महंत दशहरा नाथ महाराज ने की। विशिष्ट अतिथियों के रूप में महंत योगिदास महाराज और बाल योगी सूर्य नाथ की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष महत्व दिया।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 27 अप्रैल को पूरे देश में ‘गौ सम्मान दिवस’ मनाया जाएगा। इस दिन सरकार से गौ माता को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा देने की मांग को लेकर व्यापक स्तर पर विज्ञापन और जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।
संतों ने कहा कि यह केवल एक धार्मिक भावना नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा का मूल आधार है। इसलिए गौ माता को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाना समय की मांग है।
बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि गौ माता केवल एक पशु नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और जीवनशैली की पहचान है। जब तक इसे राष्ट्रीय दर्जा नहीं मिल जाता, तब तक यह अभियान निरंतर चलता रहेगा।
इस दौरान उपस्थित जनसमूह को गौ सेवा का संकल्प दिलाया गया और आंदोलन में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।
बैठक में विकास डुमोली, लोकेश डाडा, सुमेर जाखोद, रामपाल, रवी बलौदा, प्रशांत शर्मा, प्रवीण योगी, हर्ष वर्धन सिंह, राकेश अहलावत, संदीप पहलवाल, मयंक स्वामी, आकाश शर्मा, टिंकू और कुकु यतिस बेरी सहित सैकड़ों गौ भक्त और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर सफल बनाने का समर्थन किया।






