मंड्रेला: कस्बे में पशु तस्करी की आशंका के बीच गुरुवार देर रात पुलिस कार्रवाई ने बड़ा खुलासा कर दिया। नियमित गश्त के दौरान मंड्रेला पुलिस थाना टीम और गोरक्षक दल की सतर्कता से चिड़ावा बाईपास पर एक संदिग्ध पिकअप वाहन को घेराबंदी कर रोका गया, जिसमें चार ऊंट भरे हुए मिले। प्रारंभिक जांच में मामला अवैध पशु परिवहन और संभावित तस्करी से जुड़ा माना जा रहा है।
गश्त के दौरान बढ़ा शक, चालक ने भागने की कोशिश की
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात्रि मंड्रेला पुलिस थाना का जाब्ता नियमित गश्त पर था। झुंझुनूं बाईपास स्थित एक पेट्रोल पंप के पास खड़ी एक संदिग्ध पिकअप को रुकने का संकेत दिया गया। लेकिन चालक ने वाहन रोकने के बजाय तेज गति से चिड़ावा बाईपास की ओर भागने का प्रयास किया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल गोरक्षक दल को सूचना दी गई और संयुक्त रणनीति के तहत चिड़ावा बाईपास पर घेराबंदी की गई।
घेराबंदी में पकड़ी गई पिकअप, चार ऊंट बरामद
पुलिस और गोरक्षक दल के समन्वय से पिकअप वाहन को रोक लिया गया। तलाशी लेने पर वाहन में चार ऊंट ठूंसे हुए पाए गए। वाहन हरियाणा नंबर का बताया जा रहा है, जो झुंझुनूं से मंड्रेला होते हुए चिड़ावा की दिशा में जा रहा था।
पुलिस ने वाहन चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पूरे मामले में ऊंट तस्करी की आशंका को लेकर विभिन्न पहलुओं की जांच जारी है।
अमानवीय स्थिति में मिले ऊंट, गोशाला में भिजवाया सुरक्षित, समय रहते टली बड़ी वारदात
गोरक्षक लोकेश निर्वाण ने बताया कि ऊंटों को जिस स्थिति में पिकअप में ले जाया जा रहा था, वह पूरी तरह अमानवीय थी। जानवरों को बेहद तंग और असुरक्षित ढंग से भरा गया था। पुलिस और गोरक्षक दल की त्वरित कार्रवाई से संभावित बड़ा अपराध टल गया।
बरामद ऊंटों को लोकेश निर्वाण के सुपुर्द कर गोशाला में सुरक्षित भिजवाया गया है, जहां उनकी देखभाल की जा रही है। पशु चिकित्सकीय जांच भी कराई जा रही है।
पुलिस जांच तेज, तस्करी नेटवर्क की तलाश, अन्य संदिग्धों की भी तलाश
मंड्रेला पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। यह भी जांचा जा रहा है कि क्या इसके पीछे कोई संगठित पशु तस्करी गिरोह सक्रिय है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ा रही है।





