नवलगढ़: कस्बे में पंजाब नेशनल बैंक की नानसा गेट शाखा से जुड़े करोड़ों रुपये के PNB गोल्ड लोन घोटाले ने बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस जांच तेज कर दी गई है, वहीं उच्च स्तर पर निगरानी शुरू हो चुकी है। PNB गोल्ड लोन घोटाला
नवलगढ़ कस्बे की पंजाब नेशनल बैंक नानसा गेट शाखा में सामने आए करोड़ों रुपये के गोल्ड लोन घोटाले को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय ने शुक्रवार को बैंक परिसर पहुंचकर मौके का निरीक्षण किया और पूरे प्रकरण की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय देवेन्द्र सिंह राजावत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सह वृत्ताधिकारी वृत्त नवलगढ़ महावीर सिंह और थाना नवलगढ़ प्रभारी अजय सिंह भी बैंक परिसर में मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों ने शाखा में पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से अवलोकन किया।
पुलिस टीम ने मौके पर मौजूद बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों से गोल्ड लोन से जुड़े दस्तावेजों, प्रक्रिया और लेनदेन को लेकर विस्तृत पूछताछ की। इस दौरान यह जानने का प्रयास किया गया कि गोल्ड लोन फ्रॉड किस तरीके से अंजाम दिया गया और इसमें किन स्तरों पर लापरवाही या साजिश रही।
पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय ने बैंक की सुरक्षा व्यवस्था, रिकॉर्ड मैनेजमेंट और आंतरिक कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घोटाले के दौरान सिस्टम में कहां-कहां चूक हुई।
निरीक्षण के दौरान बैंक से संबंधित दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच की गई और यह देखा गया कि गोल्ड लोन स्वीकृति की प्रक्रिया में नियमों का पालन हुआ या नहीं। पुलिस अधिकारियों ने यह भी जांचा कि बैंक में रखे गए सोने के आभूषणों की सुरक्षा और सत्यापन प्रक्रिया कितनी मजबूत थी।
इस मौके पर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि मामले की जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और गहराई से की जाए, ताकि किसी भी दोषी को बख्शा न जाए
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि करोड़ों रुपये से जुड़े इस PNB बैंक घोटाले की जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल कर रहा है ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके।





