चिड़ावा: शहर में अंग्रेजी नव वर्ष की शुरुआत एक सकारात्मक और प्रेरणादायक संदेश के साथ हुई, जहां चुंगी नाका क्षेत्र में युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के उद्देश्य से विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान युवाओं को केसरयुक्त गर्म दूध पिलाकर नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प दिलाया गया। यह पहल भारतीय संस्कृति, सामाजिक जिम्मेदारी और नशामुक्त समाज की दिशा में एक प्रभावी कदम मानी जा रही है।
नव वर्ष के अवसर पर आयोजित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शराबखोरी, हुड़दंग और असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाना रहा। आयोजकों का मानना है कि नए साल की शुरुआत यदि सकारात्मक सोच और स्वस्थ विकल्पों के साथ की जाए, तो युवा पीढ़ी को सही दिशा दी जा सकती है। इसी सोच के तहत युवाओं को नशे के विकल्प के रूप में केसरयुक्त गर्म दूध वितरित किया गया और उन्हें आत्मअनुशासन व सामाजिक जिम्मेदारी का महत्व समझाया गया।
अभियान से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बताया कि यह कार्यक्रम कोई एकदिवसीय आयोजन नहीं है, बल्कि पिछले तीन वर्षों से लगातार चलाया जा रहा है। हर वर्ष नव वर्ष के मौके पर यह प्रयास युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रखने और भारतीय संस्कृति के अनुरूप जीवनशैली अपनाने के उद्देश्य से किया जाता है। आयोजकों का कहना है कि इस तरह के अभियान समाज में धीरे-धीरे सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक बन रहे हैं।
अभियान के दौरान उपस्थित सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने युवाओं से नशे से दूरी बनाकर स्वस्थ, अनुशासित और जिम्मेदार नागरिक बनने की अपील की। कार्यक्रम में मुबारिक भाटी, राधेनाथ, अजय धौलपुरिया, साहबराम शाह, रंजीत सैनी और रविकांत कटारिया ने युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे समाज को खोखला करता है।
इस अवसर पर फूलचंद सोलंकी, पंकज बसवाला, नयम भाटी, सिकंदर, सुनील कटारिया, प्रकाश सैनी और अक्षय पंवार ने अभियान को समाज के लिए जरूरी बताया। वहीं मौलाना आरिफ, संदीप सैनी, प्रीतम शर्मा, कपिल कटेवा काशी, शेर सिंह लांबा और मनोज कटेवा ने कहा कि युवाओं को सही दिशा दिखाने के लिए ऐसे सांस्कृतिक और सामाजिक प्रयास लगातार होने चाहिए।
आयोजकों का कहना है कि नव वर्ष के नाम पर होने वाली नकारात्मक गतिविधियों को रोकने के लिए समाज को मिलकर प्रयास करने होंगे। उनका विश्वास है कि यदि युवाओं को सही समय पर सही विकल्प दिए जाएं, तो वे नशे से दूर रहकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकते हैं। इस अभियान को स्थानीय लोगों का भी व्यापक समर्थन मिला।





