झुंझुनूं: जिले के शिक्षक संगठनात्मक मजबूती की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) का तीन दिवसीय अभ्यास वर्ग वृंदावन स्थित बिहारी मित्र मंडल में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। 28 से 30 दिसंबर तक चले इस अभ्यास वर्ग में संगठनात्मक प्रशिक्षण, वैचारिक अधिष्ठान, राष्ट्रवाद, सामाजिक समरसता और शिक्षक की भूमिका जैसे अहम विषयों पर गहन विमर्श हुआ, जिसमें जिले भर से आए लगभग 100 शिक्षक कार्यकर्ताओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
वृंदावन में आयोजित हुआ तीन दिवसीय अभ्यास वर्ग
राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) जिला झुंझुनूं का यह अभ्यास वर्ग 28 दिसंबर से 30 दिसंबर तक आयोजित किया गया, जिसमें कुल 9 प्रशिक्षण सत्र संपन्न हुए। जिला अध्यक्ष राजेश जांगिड़ ने बताया कि अभ्यास वर्ग का मुख्य उद्देश्य कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक दक्षता, वैचारिक स्पष्टता और सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक करना रहा। प्रदेश के वरिष्ठ पदाधिकारियों और अनुभवी कार्यकर्ताओं ने विभिन्न सत्रों में मार्गदर्शन प्रदान किया।
अभ्यास वर्ग का उद्देश्य और संगठनात्मक महत्व बताया
अभ्यास वर्ग के उद्देश्य और महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रदेश संरक्षक बजरंग प्रसाद मजेजी ने कहा कि जिस प्रकार सैनिकों को निरंतर अभ्यास की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार शिक्षक संघ के कार्यकर्ताओं के लिए भी नियमित प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। अभ्यास में निरंतरता नहीं रहने पर संगठनात्मक कार्यकुशलता प्रभावित होती है, इसलिए ऐसे अभ्यास वर्ग संगठन को सशक्त बनाते हैं।

राष्ट्रवाद और वैचारिक अधिष्ठान पर जोर
संभाग संगठन मंत्री श्यामसुंदर ने वैचारिक अधिष्ठान विषय पर उद्बोधन देते हुए कहा कि वर्तमान समय में समाज में कई कुरीतियाँ बढ़ रही हैं, ऐसे में शिक्षकों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षक संघ राष्ट्रीय का मूल आधार राष्ट्रवाद है और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका केंद्रीय है। अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के निर्वहन पर भी विशेष बल दिया गया।
सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और स्वदेशी का दिया संदेश
विभाग प्रचारक मुकेश ने अपने उद्बोधन में परिवार के महत्व, सामाजिक समरसता, स्वदेशी अपनाने और पर्यावरण संरक्षण पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने सभी उपस्थित शिक्षकों को सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करने का संकल्प भी दिलवाया, जिससे पर्यावरण संरक्षण को व्यवहारिक रूप में अपनाया जा सके।
संगठन के इतिहास और विस्तार पर हुई चर्चा
“हमारा विद्यालय हमारा तीर्थ” योजना के प्रदेश संयोजक कृष्ण कुमार सैनी ने संगठन के ऐतिहासिक सफर पर प्रकाश डालते हुए बताया कि राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय ने वर्ष 1954 से लेकर आज तक किस प्रकार संगठनात्मक विकास की यात्रा तय की है। वहीं संभाग उपाध्यक्ष राजवीर सिंह ने कार्यकर्ता विकास एवं संगठन विस्तार विषय पर मार्गदर्शन प्रदान किया।
जिलेभर से शिक्षकों की रही सक्रिय भागीदारी
अभ्यास वर्ग में झुंझुनूं जिले की विभिन्न उपशाखाओं से आए शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में संगीता रानी, विनोद कुमार, सुनील भारद्वाज, राम सिंह बारहट, अरुण चौमाल, राजेश हलवान, मुकेश देवी यादव, रेशमी, बबीता हिरनवाल, सुनीता, संजू सांखला, समीर शर्मा, नवीन लाठर, महेंद्र शर्मा, अरविंद शर्मा, आनंद झाझड़िया, अंकुर झाझड़िया, विजय सिंह शेखावत, कैलाश वर्मा, कुलदीप कनोडिया, महेंद्र मीणा, महेश मान, मुकेश शर्मा, पाबुदान सिंह, मूलसिंह शेखावत, सुरेश भालोठिया, शेर सिंह शेखावत, राजेंद्र सरधना, हेमंत कुमार निर्मल, जोगेंद्र सिंह, डॉ भारत, सुनील शर्मा, कमलेश कुमार और अजय सिंह सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।
संचालन और प्रबंध व्यवस्था
अभ्यास वर्ग का संचालन जिला मंत्री ललित कुमार ने किया। प्रबंध मंडल में अनिल आर्य, पंकज गुप्ता, कृष्ण कुमार और सुभाष वर्मा की सक्रिय भूमिका रही, जिनके सहयोग से आयोजन सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।





