मंड्रेला: संभाग स्तरीय युवा महोत्सव 2025 में राजस्थान की लुप्तप्राय लोक कलाओं को जीवंत करने वाले कलाकारों ने अपनी प्रतिभा से दर्शकों और निर्णायकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। जयपुर के गांधीनगर में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भपंग वाद्य यंत्र श्रेणी में ग्राम जखोड़ा निवासी लक्ष्मण सपेरा, पिता महेंद्र नाथ, और कमला देवी ने उत्कृष्ट प्रस्तुति देकर प्रथम स्थान प्राप्त किया।
प्रतियोगिता के दौरान लक्ष्मण सपेरा और कमला देवी ने पारंपरिक भपंग वाद्य यंत्र की जटिल लय और आत्मीय प्रस्तुति से यह सिद्ध कर दिया कि राजस्थान की लोक वाद्य परंपराएं आज भी जीवंत हैं। उनकी प्रस्तुति को तकनीकी दक्षता, सांस्कृतिक शुद्धता और भावनात्मक गहराई के लिए विशेष सराहना मिली, जिसके चलते उन्हें सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया।
इस बड़ी उपलब्धि के साथ ही लक्ष्मण सपेरा का चयन अब राज्य स्तरीय युवा महोत्सव के लिए हो गया है। इस खबर से जखोड़ा गांव ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। लोक कलाकारों और सांस्कृतिक प्रेमियों ने इसे राजस्थान की लोक कला के लिए महत्वपूर्ण क्षण बताया।
गौरतलब है कि वर्ष 2024 में भी लक्ष्मण सपेरा राज्य स्तर पर इसी प्रतियोगिता के विजेता रह चुके हैं। लगातार दूसरी बार शीर्ष स्तर पर प्रदर्शन कर उन्होंने यह साबित कर दिया है कि वे केवल कलाकार नहीं, बल्कि राजस्थान की लुप्त होती लोक वाद्य परंपराओं के सशक्त संवाहक हैं।
भपंग जैसे दुर्लभ लोक वाद्य यंत्र को मंच पर जीवंत कर लक्ष्मण सपेरा ने नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का संदेश दिया है। उनकी यह सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो आधुनिकता की दौड़ में पारंपरिक लोक कलाओं से दूर होते जा रहे हैं।
अपनी जीत पर लक्ष्मण सपेरा ने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि राजस्थान की लोक संस्कृति और भपंग वाद्य की जीत है। उन्होंने बताया कि वे बचपन से इस कला को सीखते आ रहे हैं और उनका सपना है कि राजस्थान की लुप्त होती लोक कलाएं आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रूप से पहुंचें। राज्य स्तर पर भी वे पूरे समर्पण और मेहनत के साथ प्रस्तुति देंगे।





