चिड़ावा: पिलानी विधानसभा क्षेत्र में आज चिड़ावा और पिलानी में “मतदाता गहन पुनरीक्षण” विषय पर मंडल कार्यशालाओं का आयोजन हुआ। इस दौरान भाजपा नेता राजेश दहिया ने कहा कि SIR प्रक्रिया (Special Intensive Revision) भारतीय लोकतंत्र को पारदर्शी, सशक्त और विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि इस पहल से फर्जी मतदाता, डुप्लीकेट नाम और संदिग्ध प्रविष्टियों को हटाकर वोटर लिस्ट को शुद्ध बनाया जा सकेगा।
SIR प्रक्रिया से लोकतंत्र होगा और पारदर्शी
राजेश दहिया ने अपने संबोधन में कहा कि मतदाता सूची का गहन परीक्षण लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक का मत अधिकार पवित्र है और फर्जी प्रविष्टियां इस अधिकार को कमजोर करती हैं। इसलिए Special Intensive Revision (SIR) अभियान के तहत मतदाता सूची को अपडेट करने, नए मतदाताओं को जोड़ने और डुप्लीकेट नामों को हटाने का कार्य प्राथमिकता से किया जा रहा है।
कार्यशाला में मंडल पदाधिकारियों और बीएलए-2 की रही सक्रिय भागीदारी
कार्यशाला में मंडल अध्यक्ष हर्षवर्धन सिंह, नरेंद्र गिरधर, ओम सोनी, विकाश स्वामी, होशियार शर्मा, मुरली मनोहर शर्मा, रविकांत शर्मा, बाबूलाल वर्मा, मदन दारा, और राजेंद्र कोच सहित बीएलए-2 प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया की बारीकियों को समझा और अपने-अपने बूथ स्तर पर जिम्मेदारी से कार्य करने का संकल्प लिया।
पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर जोर

राजेश दहिया ने कहा कि SIR प्रक्रिया केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का प्रयास है। उन्होंने बताया कि इससे भविष्य में चुनाव पारदर्शी और निष्पक्ष होंगे। उपस्थित पदाधिकारियों ने भी बूथ स्तर पर मतदाता सूची की त्रुटियों को सुधारने का संकल्प लिया।
क्या है SIR प्रक्रिया?
Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया के तहत निर्वाचन विभाग पूरे क्षेत्र में मतदाता सूची की जांच करता है। इसमें –
फर्जी मतदाताओं की पहचान और हटाने का कार्य होता है।
संदिग्ध और डुप्लीकेट प्रविष्टियों की जांच की जाती है।
नए योग्य मतदाताओं का पंजीकरण भी इस दौरान किया जाता है।
यह पहल मतदान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सशक्त बनाती है, जिससे लोकतंत्र की नींव और मजबूत होती है।
लोकतंत्र की मजबूती की दिशा में अहम कदम
पिलानी विधानसभा क्षेत्र में इस तरह की कार्यशालाएं वोटर अवेयरनेस और इलेक्शन ट्रांसपेरेंसी को बढ़ावा देती हैं। आयोजकों ने कहा कि प्रत्येक मतदाता को अपनी जानकारी सही रखना चाहिए ताकि साफ-सुथरी और विश्वसनीय मतदाता सूची तैयार की जा सके।





