चिड़ावा: गौवंशों में रेबीज बिमारी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। शहर व आसपास के इलाकों में पिछले दिनों में दर्जनों गौवंश इस बिमारी की चपेट में आकर अकाल मृत्यु को प्राप्त कर चुके हैं।
आज शहर की हृदय स्थली विवेकानंद चौक पर भी एक गौवंश ने इस बिमारी से पीड़ित होकर प्राण त्याग दिए।
जानकारी के अनुसार शनिवार रात इस गौवंश में रेबीज के लक्षण दिखाई दिए थे। इसकी सूचना मिलने पर गौरक्षक देव योगी (डीके), दीपक वर्मा (बाबू), बाबूसिंह राजपुरोहित सहित विवेकानंद मित्र परिषद के मनोज मान ने उसे एक बिजली के पोल से बांध दिया था।
रविवार सुबह तक गौवंश उस रस्सी को तुड़वाकर आजाद हो गया। रेबीज से संक्रमित पशु आक्रामक हो जाता है। सूचना मिलने पर फिर से गौरक्षकों ने उसे विवेकानंद चौक पर एक पेड़ से बांध दिया।
इसकी सूचना गौरक्षकों द्वारा नगरपालिका चिड़ावा को भी दी गई ताकि साधन उपलब्ध होने पर गौवंश को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके। किंतु समय रहते नगरपालिका द्वारा साधन उपलब्ध नहीं करवाए गए।
विवेकानंद चौक पर ही रविवार शाम तक गौवंश ने तड़प तड़प कर प्राण त्याग दिए। सूचना पर डॉ अनूप सिंह व डॉ अशोक शर्मा मौके पर पहुंचे। नगरपालिका द्वारा गौवंश के मृत शरीर को भगीनिया जोहड़ भिजवाया गया जहां विधि विधान से उसे मिट्टी दी गई।






