हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश में पिछले दो दिनों से हो रही मूसलधार वर्षा ने राज्यभर में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। वर्षा के कारण भूस्खलन और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से कई स्थानों पर स्थिति गंभीर हो गई है। कुल्लू, कांगड़ा और मंडी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सड़क संपर्क कटने, जलभराव और भूस्खलन की घटनाओं के कारण लोग परेशान हैं।
कुल्लू का संपर्क कटा, सैकड़ों वाहन फंसे
कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर मंडी जिला के बनाला के पास पहाड़ी दरकने से कुल्लू का सड़क संपर्क कट गया है। इस दुर्घटना के कारण सैकड़ों वाहन फंस गए हैं, जिससे यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने राहत कार्य शुरू कर दिया है, लेकिन वाहन जाम की स्थिति बनी हुई है।

हादसा: कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर निजी बस पलटी
सर्दी और बारिश के बीच, कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर एक और दुर्घटना हुई, जब मनाली से पठानकोट जा रही एक निजी बस सुबह करीब सात बजे बनाला के पास पलट गई। यह हादसा पहाड़ी से बड़े पत्थर गिरने के कारण हुआ। बस में चालक जसवंत सिंह, परिचालक अंकुश और दो अन्य यात्री सवार थे। हादसे में चालक, परिचालक और अन्य यात्रियों सहित चार लोग घायल हो गए। सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगवांई में भर्ती कराया गया। प्रशासन और पुलिस राहत कार्यों में जुटे हुए हैं।
भूस्खलन और जलभराव से बुरी तरह प्रभावित क्षेत्र
हिमाचल प्रदेश में भारी वर्षा के कारण ब्यास और ऊहल नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ गया है। इस आपदा के चलते कई निर्माणाधीन सुरंगों के आसपास भूस्खलन के खतरे के कारण प्रशासन ने सतर्कता बरतने की अपील की है। लोहारड़ी क्षेत्र में बादल फटने से ऊहल नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है, जिसके बाद बरोट बांध के गेट खोलने पड़े। इससे पानी का बहाव तेज हो गया है और आसपास के क्षेत्र में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसके परिणामस्वरूप शानन और बस्सी पनविद्युत परियोजनाओं में बिजली उत्पादन ठप हो गया है, जिससे कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है।
कृषि क्षेत्र में भी भारी नुकसान
बेमौसम वर्षा के कारण प्रदेश के मैदानी इलाकों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है। खेतों में पानी भर जाने से सब्जियां और गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है। किसानों ने इस आपदा के कारण अपनी फसलों के नुकसान की सूचना दी है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में और अधिक वर्षा की चेतावनी जारी की है, जिससे स्थिति और बिगड़ने की संभावना है।

शिवरात्रि महोत्सव पर भी वर्षा का असर
मंडी में आयोजित हो रहे अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव पर भी भारी वर्षा का असर पड़ा है। वर्षा के कारण मंदिरों और सरायों में ठहरे देवी-देवताओं के रथ बाहर नहीं निकल पाए, जिससे महोत्सव के कार्यक्रम प्रभावित हुए हैं। श्रद्धालुओं को भी यात्रा में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। प्रशासन ने महोत्सव के आयोजकों से समन्वय कर कार्यक्रमों के शेष हिस्से को सुरक्षित रूप से संपन्न करने की योजना बनाई है।
प्रशासन की अपील, लोगों से सतर्क रहने की चेतावनी
राज्य प्रशासन ने स्थानीय लोगों और यात्रियों से सतर्क रहने की अपील की है। कुल्लू, मंडी और कांगड़ा जिलों में यातायात प्रभावित हुआ है, जिसके कारण यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। जिला प्रशासन ने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में लोगों को न जाने की सलाह दी है और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में नदी किनारे न जाने की चेतावनी दी है।




