पिचानवा में फिर गूंजे खतरे के सायरन: चोरों ने दी सेंधमारी की दहशत, बच्चों की सतर्कता से बची बड़ी वारदात

चिड़ावा (पिचानवा) – एक बार फिर पिचानवा गांव में रात के सन्नाटे को चीरती चोरों की आहट ने गांव में सनसनी फैला दी। शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात करीब 12 बजे, पावर हाउस के पास स्थित चिरंजीलाल योगी के घर में घुसपैठ की एक और खौफनाक कोशिश की गई।

सन्नाटे में गूंजा बच्चों का साहस

चिरंजीलाल के घर में चोरों ने सबसे पहले उनके कमरे को बाहर से कुंडी लगाकर बंद कर दिया। इसके बाद जैसे ही चोर बच्चों के कमरे की कुंडी लगाने लगे, बच्चों को अजीब सी हलचल का आभास हुआ। डर के साए में भी बच्चों ने सूझ-बूझ दिखाते हुए तुरंत अपने चाचा अनिल को फोन कर पूरी जानकारी दी, जो घर के दूसरे कमरे में सो रहे थे।

शोर मचाते ही चोर भाग निकले खेतों की ओर

अनिल ने बिना समय गंवाए जोर-जोर से शोर मचाना शुरू किया। अचानक हुए इस हंगामे से चोर घबरा गए और खेतों की ओर भाग खड़े हुए। अनिल के अनुसार, भागते चोरों की संख्या दो से चार के बीच हो सकती है। चोरों के भागने के बाद अनिल और गांव के अन्य लोग बाहर निकल आए, लेकिन अंधेरे और खेतों की जटिलता के कारण चोरों का कोई सुराग नहीं मिल सका।

रात में गश्त के बावजूद नहीं थम रही घटनाएं

घटना की सूचना मिलते ही चिड़ावा थाने की गाड़ी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। गौरतलब है कि पिछले कुछ हफ्तों में गांव में चोरी और सेंधमारी की घटनाओं में लगातार इजाफा हुआ है, जिसके कारण सीआई आशाराम गुर्जर रात में पुलिस जाब्ते के साथ गश्त करवा रहे हैं।

गांव के लोग भी सतर्क, बना रहे निगरानी दल

सुरक्षा को लेकर गांववालों में भी काफी जागरूकता देखी जा रही है। हाल ही में हुई चोरी की घटनाओं के बाद ग्रामीणों ने खुद निगरानी के लिए टीमें गठित की हैं, जो रातभर गांव में पहरा देती हैं। इसके बावजूद चोरों के हौसले बुलंद हैं और वे नई-नई तरकीबों से वारदात को अंजाम देने की फिराक में रहते हैं।

क्या है अगला कदम?

पुलिस ने चोरों की तलाश के लिए जांच तेज कर दी है। संदिग्ध इलाकों में दबिश दी जा रही है और गांव में सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए जा रहे हैं। सीआई आशाराम गुर्जर ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

पिचानवा में बढ़ती इन वारदातों ने गांव में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। अब देखना यह है कि पुलिस और ग्रामीणों की सतर्कता मिलकर इन शातिर चोरों पर कब तक लगाम कस पाती है।

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