प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान हुई भगदड़ के बाद अखाड़ों ने शाही स्नान स्थगित करने का निर्णय लिया है। प्रशासन की अपील के बाद यह फैसला लिया गया, जिससे मौनी अमावस्या पर होने वाले अखाड़ों के पारंपरिक स्नान कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया। इस दौरान लाखों श्रद्धालु और साधु-संत संगम तट पर स्नान के लिए एकत्रित होते हैं।
श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण लिया गया फैसला
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी ने कहा कि संगम तट पर अपार भीड़ को देखते हुए शाही स्नान रद्द किया गया है। उन्होंने बताया कि भगदड़ की अप्रत्याशित घटना को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया, जिससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। परिषद ने सभी अखाड़ों से अपील की कि वे मौनी अमावस्या पर स्नान न करें और अगले स्नान के लिए बसंत पंचमी का इंतजार करें।
हादसे से पहले सुचारू थी व्यवस्था, अचानक बढ़ी भीड़ बनी वजह
रविंद्र पुरी ने कहा कि मंगलवार शाम तक मेला क्षेत्र में व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हो रही थीं। लेकिन जब अत्यधिक संख्या में श्रद्धालु एक साथ संगम क्षेत्र में पहुंचे, तो स्थिति बिगड़ गई। उन्होंने कहा, “जैसे गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम प्रयागराज में होता है, वैसे ही इस समय यहां पूरे देश से श्रद्धालुओं का संगम हुआ है।”
शाही स्नान की तैयारियों के बीच अचानक बदला निर्णय
शाही स्नान के लिए सभी 13 अखाड़ों को तड़के 4 बजे संगम के लिए निकलना था और 5 बजे से स्नान शुरू होना था। लेकिन भगदड़ की घटना के कारण यह योजना स्थगित करनी पड़ी। महा निर्वाणी और अटल अखाड़े को सुबह 5 बजे संगम नोज पर स्नान करना था, लेकिन जुलूस पीपा पुल पार करने के बाद रामघाट से वापस लौट आया।
अनहोनी को कोई टाल नहीं सकता – अखाड़ा परिषद
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा, “कुछ घटनाएं अनहोनी होती हैं, जिन्हें कोई रोक नहीं सकता।” उन्होंने मां गंगा से मृतकों की आत्मा की शांति की प्रार्थना की और कहा कि सभी अखाड़ों ने मिलकर यह निर्णय लिया है ताकि किसी और अप्रिय घटना से बचा जा सके।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से की अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से संयम बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है। सुरक्षा के मद्देनजर संगम क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल और एनएसजी कमांडो की तैनाती की गई है। हादसे के बाद प्रयागराज में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
अगला शाही स्नान बसंत पंचमी पर होगा
अखाड़ा परिषद ने घोषणा की है कि अगला शाही स्नान बसंत पंचमी के अवसर पर होगा। परिषद ने सभी संतों और श्रद्धालुओं से इस निर्णय का पालन करने की अपील की है ताकि महाकुंभ का आयोजन सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ सके।





