नई दिल्ली: भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अंतिम यात्रा शुरू हो गई है। उनका अंतिम संस्कार आज सुबह 11:45 बजे दिल्ली के निगमबोध घाट पर किया जाएगा। उनकी पार्थिव देह कांग्रेस मुख्यालय से निगमबोध घाट के लिए रवाना हो चुकी है। इस दौरान हजारों की संख्या में कांग्रेस के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल हुए।
श्रद्धांजलि देने पहुंचे देश के बड़े नेता
पूर्व प्रधानमंत्री के अंतिम संस्कार में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी निगमबोध घाट पर पहुंचेंगे। इसके अलावा चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) और तीनों सेनाओं के अध्यक्ष भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा राज्य मंत्री, रक्षा सचिव, गृह सचिव और कैबिनेट सचिव सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी श्रद्धांजलि देने के लिए उपस्थित रहेंगे।
कांग्रेस मुख्यालय में अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का पार्थिव शरीर सुबह 9 बजे उनके आवास से कांग्रेस मुख्यालय लाया गया। तिरंगे में लिपटा उनका पार्थिव शरीर कांग्रेस कार्यालय में रखा गया, जहां सबसे पहले सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अजय माकन, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू सहित कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें अंतिम विदाई दी।
अंतिम यात्रा का रूट मैप
पूर्व प्रधानमंत्री की अंतिम यात्रा कांग्रेस मुख्यालय से निगमबोध घाट तक 11 किलोमीटर लंबी होगी। यात्रा का रूट इस प्रकार है:
- कांग्रेस मुख्यालय से अकबर रोड
- इंडिया गेट से तिलक मार्ग
- तिलक मार्ग से आईटीओ रेड लाइट
- पुराने पुलिस मुख्यालय के सामने से होते हुए रिंग रोड
- रिंग रोड से निगमबोध घाट
सरदार रीति-रिवाज से होगा अंतिम संस्कार
निगमबोध घाट पर डॉ. मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार सरदार रीति-रिवाजों के अनुसार किया जाएगा। आचार्य योगेश कुमार ने बताया कि संस्कार के लिए चंदन की लकड़ी का उपयोग किया जाएगा। वीआईपी घाट पर सुबह 11:35 बजे सभी गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में यह प्रक्रिया संपन्न होगी।
कांग्रेस ने जताई नाराजगी
कांग्रेस ने निगमबोध घाट पर अंतिम संस्कार को लेकर नाराजगी व्यक्त की है। पार्टी के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि सरकार पूर्व प्रधानमंत्री का स्मारक बनाने के लिए जमीन तक नहीं तलाश पाई। यह देश के पहले सिख प्रधानमंत्री के लिए अपमानजनक है। हालांकि, गृह मंत्रालय ने जानकारी दी कि सरकार ने डॉ. मनमोहन सिंह के सम्मान में स्मारक बनाने का फैसला लिया है। इसके लिए उपयुक्त स्थान की पहचान की जा रही है और जल्द ही निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
स्मारक के लिए ट्रस्ट बनाएगी सरकार
मोदी सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री के सम्मान में स्मारक निर्माण के लिए एक ट्रस्ट बनाने का निर्णय लिया है। कांग्रेस समेत कई अन्य राजनीतिक दलों ने इस मुद्दे पर सहमति जताई है।
डॉ. मनमोहन सिंह का निधन
डॉ. मनमोहन सिंह का 26 दिसंबर की रात 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। घर पर बेहोश होने के बाद उन्हें रात 8:06 बजे दिल्ली के एम्स (AIIMS) लाया गया था, जहां रात 9:51 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
राष्ट्रीय शोक की घोषणा
पूर्व प्रधानमंत्री के निधन पर भारत सरकार ने सात दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और सभी सरकारी कार्यक्रमों में सादगी बरती जाएगी।





