ढाका, बांग्लादेश: बांग्लादेश में हाल के दिनों में महत्वपूर्ण राजनीतिक और सामाजिक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद छोड़ने के बाद, अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने कई बड़े फैसले लिए हैं। इन्हीं में से एक बड़ा फैसला बांग्लादेश के ‘राष्ट्रपिता’ शेख मुजीबुर रहमान की तस्वीर को करेंसी नोटों से हटाने का है। यह निर्णय देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

केंद्रीय बैंक ने शुरू की नए नोटों की छपाई

ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश बैंक ने नए डिजाइन वाले नोट छापने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन नोटों पर अब शेख मुजीबुर रहमान की तस्वीर की जगह धार्मिक संरचनाएं, बंगाली परंपराओं से जुड़ी छवियां और जुलाई 2024 में हुए विद्रोह के दौरान बनाए गए भित्तिचित्र शामिल होंगे।

चार नोटों के डिजाइन में बदलाव

बांग्लादेश बैंक और वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि पहले चरण में केवल चार प्रकार के नोटों – 20, 100, 500 और 1000 टका – के डिजाइन में बदलाव किया जाएगा। वित्त मंत्रालय ने सितंबर 2024 में केंद्रीय बैंक को नए नोटों के लिए विस्तृत डिजाइन प्रस्ताव प्रस्तुत किया था।

केंद्रीय बैंक की प्रवक्ता और कार्यकारी निदेशक हुस्नेरा शिखा ने बताया कि मुद्रण की प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी है और अगले छह महीनों में नए नोट बाजार में उपलब्ध हो सकते हैं।

नए नोटों की विशेषताएं

नए नोटों में शेख मुजीबुर रहमान की तस्वीर की जगह जो नए डिजाइन शामिल किए गए हैं, वे मुख्य रूप से बांग्लादेश की सांस्कृतिक धरोहर और हालिया सामाजिक घटनाओं को दर्शाते हैं। इसमें धार्मिक संरचनाओं की छवियां, बंगाली पारंपरिक कला और जुलाई में हुए आरक्षण विरोधी प्रदर्शन के दौरान बने भित्तिचित्र शामिल हैं।

राजनीतिक संदेश या प्रशासनिक निर्णय?

शेख मुजीबुर रहमान को बांग्लादेश के राष्ट्रपिता के रूप में देखा जाता है, और उनकी तस्वीर को करेंसी नोटों से हटाना बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है। मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के इस कदम को उनके प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक दृष्टिकोण में परिवर्तन का संकेत समझा जा रहा है।

विवाद और प्रतिक्रियाएं

इस फैसले को लेकर बांग्लादेश में विभिन्न वर्गों से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। एक ओर, कई लोग इसे राष्ट्रीय पहचान और इतिहास के साथ खिलवाड़ मान रहे हैं, वहीं दूसरी ओर, कुछ इसे नए युग की शुरुआत बता रहे हैं।

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