नई दिल्ली: कृषि कानूनों और एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। आज किसानों ने दिल्ली की ओर कूच का ऐलान किया है। दिल्ली पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पहले से ही सतर्कता बढ़ा दी है। हालांकि, सिंघु बॉर्डर पर फिलहाल अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती नहीं की गई है।

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि किसानों के आंदोलन से जुड़े इनपुट्स पर निगरानी रखी जा रही है। एक अधिकारी ने कहा, “दिल्ली-चंडीगढ़ राजमार्ग पर सिंघु बॉर्डर पर बड़े स्तर पर तैनाती की योजना है। स्थिति के अनुसार सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।”

शंभू और खनौरी बॉर्डर पर किसानों का डेरा

पंजाब-हरियाणा की सीमाओं पर शंभू और खनौरी बॉर्डर पर किसान लंबे समय से डटे हुए हैं। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि आंदोलन को 297 दिन हो गए हैं और खनौरी बॉर्डर पर आमरण अनशन 11वें दिन में प्रवेश कर गया है। उन्होंने कहा, “आज दोपहर 1 बजे 101 किसान-मजदूर का जत्था शंभू बॉर्डर से दिल्ली के लिए कूच करेगा।”

किसानों का कहना है कि वे एमएसपी की कानूनी गारंटी और अन्य कृषि संबंधी मुद्दों पर सरकार से ठोस आश्वासन चाहते हैं। इससे पहले भी 13 और 21 फरवरी को किसानों ने दिल्ली की ओर मार्च करने की योजना बनाई थी, लेकिन उन्हें शंभू और खनौरी बॉर्डर पर सुरक्षा बलों ने रोक दिया था।

आंदोलन का संभावित प्रभाव

किसानों के दिल्ली की ओर कूच करने से राष्ट्रीय राजधानी में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका है। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन ने एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है।

प्रशासन का रुख और सुरक्षा प्रबंध

दिल्ली पुलिस ने बताया कि अभी तक पंजाब के किसानों से दिल्ली मार्च के लिए कोई औपचारिक अनुरोध नहीं मिला है। दूसरी ओर, हरियाणा के जींद और अंबाला जिलों में स्थानीय प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू कर दी है। इसके तहत पांच या अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगाया गया है।

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