पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह का निधन, लंबे समय से थे बीमार, सियासी गलियारे में शोक की लहर

नई दिल्ली: भारत के पूर्व विदेश मंत्री और कांग्रेस के प्रमुख नेता नटवर सिंह का शनिवार रात लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे 93 वर्ष के थे। टवर सिंह काफी लंबे समय से बीमार थे और उनका इलाज मेदांता अस्पताल में चल रहा था। उनके निधन की खबर ने सियासी गलियारे में शोक की लहर दौड़ा दी है।

सार्वजनिक जीवन और राजनीति में योगदान

नटवर सिंह का जन्म 1929 में राजस्थान के भरतपुर जिले में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अजमेर के मेयो कॉलेज और ग्वालियर के सिंधिया स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद, उन्होंने दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्त की। 1953 में, उन्होंने भारतीय विदेश सेवा (IFS) में चयनित होकर चीन, न्यूयार्क, पोलैंड, इंग्लैंड, पाकिस्तान और जांबिया जैसे देशों में सेवा दी।

तीन दशकों की विदेश सेवा के बाद, नटवर सिंह ने 1984 में राजनीति में प्रवेश किया और कांग्रेस पार्टी जॉइन की। उसी वर्ष, उन्होंने लोकसभा का चुनाव जीतकर राज्य मंत्री का पद संभाला। उनका राजनीतिक करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा, लेकिन 2004 में उन्हें भारत का विदेश मंत्री बनाया गया। हालांकि, उनकी मंत्री पद की यात्रा 2005 में इराकी तेल के बदले अनाज घोटाले के आरोपों के कारण समाप्त हो गई।

गांधी परिवार के करीबी माने जाने वाले नटवर सिंह ने 2008 में कांग्रेस पार्टी से अलग होकर अपना मार्ग बदल लिया। उनका योगदान भारतीय राजनीति और विदेश सेवा में अमूल्य रहेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने जताई संवेदना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नटवर सिंह के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पूर्व विदेश मंत्री के साथ एक तस्वीर साझा की और लिखा, “नटवर सिंह के निधन से दुखी हूं। उन्होंने कूटनीति और विदेश नीति की दुनिया में समृद्ध योगदान दिया। वह अपनी बुद्धिमत्ता और बेहतरीन लेखन के लिए भी जाने जाते थे। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं।”

जयशंकर ने किया योगदानों का उल्लेख

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने नटवर सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, “प्रतिष्ठित राजनयिक और पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह के निधन से गहरा दुख हुआ। उनके कई योगदानों में जुलाई 2005 के भारत-अमेरिका परमाणु समझौते में महत्वपूर्ण भूमिका शामिल है। उनके द्वारा लिखी गई किताबें, विशेष रूप से चीन पर उन्होंने जो लिखा, ने हमारी कूटनीति में बहुमूल्य अंतर्दृष्टि प्रदान की। उनके परिवार के प्रति हमारी संवेदनाएं हैं।”

कांग्रेस नेता ने जताया दुःख

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला ने भी नटवर सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह के निधन का समाचार दुखद है। ईश्वर उनके परिजनों को यह क्षति सहने की शक्ति दे और दिवंगत आत्मा को सदगति प्रदान करें।”

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