अनंतनाग, जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के बाद चुनाव आयोग की टीम लौटने के अगले ही दिन दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच एक भीषण मुठभेड़ शुरू हो गई। इस मुठभेड़ में दो सैन्यकर्मी शहीद हो गए, जबकि चार जवान और दो स्थानीय निवासी घायल हुए हैं। घायल जवानों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। जांच के दौरान यह भी पता चला है कि घायल ग्रामीणों के आतंकियों के सहयोगी होने का संदेह है, जिसके चलते उनकी पृष्ठभूमि की जांच की जा रही है।

रुक-रुक कर चल रही गोलीबारी

मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों ने आतंकियों को घेर लिया है और दोनों तरफ से रुक-रुक कर गोलीबारी जारी है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, तीन आतंकियों के मुठभेड़ स्थल पर फंसे होने की सूचना है। ये आतंकवादी वही हैं जिन्होंने 16 जुलाई को डोडा जिले के देसा क्षेत्र में एक सैन्य दल पर घात लगाकर हमला किया था, जिसमें एक कैप्टन समेत चार सैन्यकर्मी शहीद हुए थे।

पुलिस और सेना का तलाशी अभियान

सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से मिली सूचनाओं के आधार पर सुरक्षा बलों ने यह पाया कि डोडा में हमला करने के बाद आतंकवादियों का एक दल अनंतनाग के कापरन क्षेत्र में छिप गया है। आतंकियों की उपस्थिति की सूचना मिलने के बाद शुक्रवार शाम को पुलिस ने सेना और सीआरपीएफ के साथ मिलकर गडोल के ऊपरी हिस्से में तलाशी अभियान शुरू किया।

ग्रेनेड फेंकने के बाद शुरू हुई गोलीबारी

शनिवार दोपहर करीब दो बजे, जवानों ने आतंकियों को देखा और उन्हें ललकारा। इसके जवाब में आतंकियों ने पहले ग्रेनेड फेंका और फिर गोलीबारी शुरू कर दी। इस हमले में दो सैन्यकर्मी और पास में घूम रहे दो ग्रामीण घायल हो गए। सुरक्षाबलों ने घायल जवानों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का प्रयास किया, जिसके दौरान चार और जवान घायल हो गए।

घायलों का उपचार और मौसम की बाधाएं

सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। गंभीर रूप से घायल जवानों को श्रीनगर स्थित सेना के बेस अस्पताल में लाया गया, जहां दो जवानों की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। बलिदानी सैन्यकर्मियों की पहचान हवालदार दीपक कुमार यादव और लांसनायक प्रवीण शर्मा के रूप में की गई है। अन्य घायल जवानों की स्थिति भी गंभीर है।

मुठभेड़ स्थल पर मौसम भी एक बड़ी बाधा बन रहा है। शाम होते ही वहां वर्षा शुरू हो गई, जिससे आतंकियों को पकड़ने में कठिनाई हो रही है। इलाके में घना जंगल और गहरी खाइयां होने के कारण अभियान में समय लग रहा है। सुरक्षाबलों ने आतंकियों के सभी संभावित भागने के मार्गों को बंद कर दिया है।

जम्मू-कश्मीर में हाल के आतंकी हमले

हाल के दो महीनों में जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों में वृद्धि देखी गई है, जिनमें प्रमुख घटनाएं निम्नलिखित हैं:

  • 27 जुलाई: कुपवाड़ा में एलओसी पर पाकिस्तानी सेना का बैट हमला, एक जवान शहीद और कैप्टन समेत चार घायल।
  • 24 जुलाई: कुलगाम में मुठभेड़, एक आतंकी ढेर और एक जवान शहीद।
  • 22 जुलाई: राजौरी में शौर्य चक्र से सम्मानित ग्राम सुरक्षा समूह के सदस्य के घर पर हमला।
  • 18 जुलाई: डोडा में हमला, दो जवान घायल।
  • 16 जुलाई: डोडा में मुठभेड़, एक कैप्टन समेत चार सैनिक शहीद।
  • 8 जुलाई: कठुआ जिले में आतंकी हमले में पांच जवान शहीद, पांच घायल।
  • 7 जुलाई: राजौरी जिले में सुरक्षा चौकी पर हमला, एक जवान घायल।
  • 26 जून: डोडा में मुठभेड़, तीन विदेशी आतंकी मारे गए।
  • 12 जून: डोडा में आतंकी हमले में एक पुलिसकर्मी घायल।
  • 9 जून: रियासी जिले में बस पर आतंकी हमला, नौ तीर्थयात्री शहीद और 41 घायल।

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