सिंघाना: क्षेत्र में 10वीं बोर्ड परीक्षा केंद्र को लेकर शिक्षा विभाग के निर्णय ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। झुंझुनूं जिले के पुहानियां गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय से परीक्षा केंद्र हटाकर श्यामपुरा-मैनाना स्थानांतरित किए जाने के विरोध में ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर धरना दिया और परीक्षा केंद्र यथावत रखने की मांग को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि पुहानियां गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में वर्षों से कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा केंद्र संचालित हो रहा है। शिक्षा विभाग द्वारा बिना किसी ठोस कारण के इस परीक्षा केंद्र को तोड़कर श्यामपुरा-मैनाना स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। विरोध स्वरूप ग्रामीणों ने विद्यालय परिसर में एकत्र होकर नारेबाजी की और तालेबंदी कर धरना दिया।
यह विरोध प्रदर्शन सरपंच बिल्लु सेठ और डेलीगेट हवासिंह के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें गांव के वरिष्ठ ग्रामीणों के साथ-साथ नवयुवक मंडल के सदस्य भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। धरना स्थल पर सतीश, बहादुर, सज्जन, सुरेंद्र फौजी, बाबा धर्मदास, बलवान, विजय भान फौजी, जख्मी सिंह, शक्तिसिंह, नफे सिंह, सूबेदार कंवर सिंह, जगदीश, राजू, रामबीर सेठ, चरण सिंह, लालाराम और दिनेश फौजी सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि पुहानियां स्थित परीक्षा केंद्र पर छात्र संख्या पर्याप्त है और परीक्षा संचालन के लिए आवश्यक सभी मूलभूत सुविधाएं पहले से उपलब्ध हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह क्षेत्र का प्राचीनतम बोर्ड परीक्षा केंद्र है, जिसे बिना किसी तार्किक आधार के हटाना न केवल अनुचित है बल्कि शिक्षा व्यवस्था के साथ अन्याय भी है।
ग्रामीणों के अनुसार यदि परीक्षा केंद्र को श्यामपुरा-मैनाना स्थानांतरित किया गया तो विद्यार्थियों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। इससे समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने में परेशानी होगी, जिसका सीधा असर छात्रों की उपस्थिति, पढ़ाई और बोर्ड परीक्षा परिणाम पर पड़ सकता है। अभिभावकों का कहना है कि यह फैसला विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग को स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा केंद्र को पुनः पुहानियां गांव में यथावत नहीं रखा जाता, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। आंदोलनकारियों ने कहा कि यह संघर्ष पूरी तरह विद्यार्थियों के हित में है और किसी भी दबाव में आकर पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता।





