चिड़ावा (झुंझुनूं)। अखिल भारतीय किसान सभा ने क्षेत्र के सभी किसान संगठनों और ग्रामीण किसानों से आह्वान किया है कि वे 10 अक्टूबर को होने वाली किसान रैली और सांकेतिक धरना में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें। यह रैली कबूतर खाना चौक से शुरू होकर एसडीएम कार्यालय चिड़ावा तक जाएगी, जहां मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
सभा ने कहा कि यह आंदोलन किसानों के हक, मुआवजे, बीमा क्लेम और पानी की उपलब्धता के लिए है — अब सरकार को जगाने का समय आ गया है।
💧 बरसात से फसल खराब, किसान मुआवजा और बीमा क्लेम की मांग पर अडिग
इस बार की बरसात से झुंझुनूं जिले की हजारों बीघा फसलें खराब हो गई हैं। किसान सभा ने कहा कि सरकार को तत्काल मुआवजा वितरण और फसल बीमा क्लेम जारी करना चाहिए।
संगठन ने यह भी मांग रखी कि वर्ष 2022-23 की बकाया फसल मुआवजा राशि का तुरंत भुगतान किया जाए ताकि किसान अगली बुवाई के लिए तैयार हो सकें।
🏦 बैंक और फाइनेंस कंपनियों की मनमानी पर रोक लगाने की मांग
किसान नेता बजरंग बराला ने कहा कि बैंक और निजी फाइनेंस कंपनियों द्वारा वसूली के नाम पर किसानों पर दबाव बनाया जा रहा है। किसान सभा ने इसे कानूनी और आर्थिक अन्याय बताते हुए सरकार से मांग की है कि किसानों को राहत दी जाए और ऐसी मनमानी पर रोक लगाई जाए।
🚰 सिंचाई और पेयजल के लिए ठोस नीति की जरूरत
किसानों ने सिंचाई जल संकट और पेयजल समस्या को लेकर भी आवाज बुलंद की। सभा ने कहा कि बरसात के बाद भी कई क्षेत्रों में पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। सरकार को जल परियोजनाओं और ट्यूबवेल योजनाओं को प्राथमिकता से लागू करना चाहिए।
✊ किसानों से अपील — “हक की लड़ाई है, आवाज बुलंद करनी होगी”
सभा ने कहा कि यह सिर्फ कुछ लोगों की नहीं, बल्कि हर किसान की लड़ाई है। किसान सभा के नेताओं ने संदेश दिया —
“अब वक्त आ गया है कि सरकार को बताया जाए, हम अपने हक की मांग लेना जानते हैं, जरूरत पड़ी तो छीन कर भी लेंगे।”
सभा ने सभी किसानों से सुबह 10 बजे कबूतर खाना चौक, चिड़ावा पहुंचने का आह्वान किया है ताकि सरकार तक एकजुट किसानों की आवाज पहुंचे।
