हमीनपुर गाडौली के ग्रामीणों की पीड़ा!
लोकसभा चुनाव 2024 का मतदान जारी है। लोकसभा झुंझुनू क्षेत्र के मतदाता इस महापर्व में अपनी भागीदारी निभा रहे हैं। ऐसे में क्षेत्र के कुछ गांव ऐसे भी हैं जिन्होंने इस चुनाव में मतदान बहिष्कार का निर्णय लिया है।
हमीनपुर गाडौली के ग्रामीण इस बात को लेकर निराश हैं कि क्षेत्र में व्याप्त पानी की भयंकर समस्या को लेकर वे लोग इस साल जनवरी से आंदोलन पर बैठे हैं उन्होंने रैलियां भी निकली हैं लेकिन प्रशासन की तरफ से आज मतदान दिवस तक उनके आंदोलन व मांगों पर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि 1992 से आज तक यमुना जल के नाम पर उन्हें केवल आश्वासन दिया गया है, और इसी आश्वासन के चलते हुए लोग हर बार चुनाव में पूरी भागीदारी लेते रहे हैं। लेकिन इस बार उन्होंने अपना निर्णय पक्का कर लिया है कि जब तक क्षेत्र में जल की समस्या समाप्त नहीं हो जाती, यमुना से उनके हिस्से का जल नहीं मिल जाता, तब तक वह चुनावों का बहिष्कार रखेंगे, मतदान नहीं करेंगे।
प्रशासन ने इस मुद्दे पर ग्रामीणों की समझाइए भी की लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें पीने का पानी भी हजार रुपए टैंकर देकर खरीदना पड़ रहा है, ऐसी हालत में वे और इंतजार नहीं कर सकते। उन्हें सरकार व प्रशासन से इस समस्या का शीघ्र समाधान अथवा जलापूर्ति समस्या निवारण का अन्य कोई ठोस समाधान चाहिए।
पानी की समस्या अकेले हमीनपुर गाडौली कि नहीं है। इस तरह की भयंकर परिस्थितियां पिलानी विधानसभा के लगभग सभी क्षेत्रों में बनी हुई है। ग्रामीण एरिया इस समस्या से ज्यादा प्रभावित हैं। इसी के चलते विधानसभा क्षेत्र पिलानी के बनगोठड़ी, ढक्करवालां, धींधवा बिचला सहित लगभग आधा दर्जन गांवों ने मतदान बहिष्कार करने का निर्णय लिया है
झुंझुनू प्रशासन दोहरी समस्या में उलझा हुआ है उन्हें ग्रामीणों को तो मानना ही होगा इसके अलावा उच्च स्तर पर भी मतदान बहिष्कार का जवाब देना होगा।
