स्मृति के खिलाफ क्यों खड़े हैं कैप्टन अंशुमन सिंह के माता-पिता? सम्मान, बेटा और बहू सब कुछ खोया

कैप्टन अंशुमन सिंह का नाम आजकल हर किसी की जुबान पर है। देश के लिए उनके बलिदान के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया। उनकी पत्नी स्मृति ने राष्ट्रपति से यह अवार्ड ग्रहण किया, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा। लेकिन हाल ही में स्मृति अपने सास-ससुर द्वारा लगाए गए आरोपों के कारण भी सुर्खियों में हैं।

कीर्ति चक्र सम्मान और प्रेम कहानी

स्मृति ने राष्ट्रपति से कीर्ति चक्र ग्रहण करने के बाद अंशुमन के साथ अपनी प्रेम कहानी साझा की। इस दौरान वह बेहद भावुक हो गईं, और यह प्रेम कहानी पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई।

सास-ससुर के आरोप

हालांकि, अब स्मृति अपने सास-ससुर के आरोपों के कारण चर्चा में हैं। कैप्टन अंशुमन के पिता रवि प्रताप सिंह ने मीडिया को दिए इंटरव्यू में बताया कि स्मृति ने अंशुमन का अंतिम संस्कार करने के बाद ससुराल छोड़ दिया और अपने मायके चली गईं।

आर्थिक स्थिति और अन्य आरोप

रवि प्रताप सिंह ने बताया कि स्मृति ने अंशुमन के बलिदान के बाद मिली मुआवजा राशि, बीमा के पैसे, पुरस्कार राशि और पेंशन सब अपने साथ ले ली। उन्होंने कहा कि स्मृति ने न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति पर असर डाला है, बल्कि उनकी प्रतिष्ठा पर भी सवाल खड़े किए हैं।

स्मृति का पक्ष

स्मृति ने इस मुद्दे पर अभी तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। उनके ससुराल से दूर जाने के फैसले के पीछे के कारणों का खुलासा नहीं हुआ है। उनके मायके जाने के बाद उन्होंने एक स्कूल में पढ़ाना शुरू कर दिया और अपने मां-बाप की देखभाल करने लगीं।

परिवार की दुर्दशा

कैप्टन अंशुमन के परिवार का कहना है कि उनके बेटे के बलिदान के बाद उनकी बहू का साथ छोड़ देना उनके लिए एक और बड़ा झटका है। परिवार ने अपनी व्यथा व्यक्त की और कहा कि स्मृति ने उनकी भावनाओं और आर्थिक स्थिति का ख्याल नहीं रखा।

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