सूरजगढ़: फौजी विक्रम सिंह की हत्या के मामले में धरना समाप्त, दो आरोपी हिरासत में, अन्य की गिरफ्तारी की मांग

सूरजगढ़, 12 जून 2025: थाना क्षेत्र के अमरपुरा कलां (पालोता का बास) गांव में फौजी विक्रम सिंह की हत्या के मामले को लेकर परिजनों और ग्रामीणों द्वारा दिया जा रहा धरना गुरुवार को पुलिस के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। सुबह से सूरजगढ़ अस्पताल के सामने चल रहे इस धरने में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग उठाई थी।

पुलिस द्वारा दो संदिग्धों को हिरासत में लेने और शेष आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी का भरोसा दिलाने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने धरना खत्म किया। थानाधिकारी हेमराज मीणा ने जानकारी दी कि इस मामले में प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है और दो व्यक्तियों को पूछताछ के लिए पकड़ा गया है।

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इससे पहले बलिदानी फौजी विक्रम सिंह सोमरा के बड़े भाई विनोद कुमार द्वारा हत्या की रिपोर्ट थाने में दर्ज करवाई गई थी। रिपोर्ट में अविनाश उर्फ घघला, मनीष उर्फ सोनू, अनिल, कर्ण सिंह, मुकेश, हरिसिंह, जानकी देवी, प्रियंका, निकेतन, राजेश सहित दो से तीन अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि 10 जून की शाम करीब 6 बजे जब विक्रम सिंह अपनी गाड़ी से ड्यूटी पर रवाना हुए, तब बड़सरी का बास शराब ठेके के पास स्कॉर्पियो में बैठे आरोपियों ने उन्हें रोका और जबरन अपनी गाड़ी में बिठाकर अमरपुरा कलां ले गए। वहां एक घर में ले जाकर उनके साथ लाठी, डंडों, सरियों और धारदार हथियारों से गंभीर मारपीट की गई।

गंभीर रूप से घायल विक्रम सिंह को पहले सूरजगढ़ अस्पताल और बाद में बीडीके अस्पताल झुंझुनूं ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। विक्रम सिंह हाल ही में अपने भतीजे के दशोठण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए छुट्टी पर गांव आए थे। लेकिन छुट्टी के दूसरे ही दिन उनकी निर्मम हत्या कर दी गई।

हत्या की खबर फैलते ही ग्रामीण आक्रोशित हो गए और बड़ी संख्या में लोगों ने सूरजगढ़ अस्पताल के सामने शव रखकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना था कि यदि सेना का जवान अपने गांव में ही सुरक्षित नहीं है, तो आम लोग कैसे सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाया कि अपराधियों के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि वे अब फौजियों पर भी हमला करने से नहीं चूक रहे।

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मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत की और मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। करीब दो घंटे की समझाइश के बाद परिजन धरना समाप्त करने को राजी हुए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अन्य आरोपियों को भी शीघ्र गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में टीमें गठित कर दी गई हैं और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर यह घटना आपसी रंजिश और कहासुनी से जुड़ी लग रही है, लेकिन सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। विक्रम सिंह सेना की 8 ग्रेनेडियर यूनिट में हवलदार के पद पर कार्यरत थे और लगभग दस वर्ष पूर्व से वे डिफेंस सर्विस कोर (डीएससी) में सेवारत थे।

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