संभल, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में जामा मस्जिद सर्वे को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सर्वे के आदेश के बाद भड़की हिंसा में अब तक 27 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मामला तब और गंभीर हो गया जब FIR में संभल के सांसद जियाउर्रहमान बर्क और विधायक के बेटे सुहैल इकबाल का नाम दर्ज किया गया। आरोप है कि दोनों ने मस्जिद में नमाज अदा करने के बाद भीड़ को उकसाने वाले बयान दिए और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की।

इस विवाद में दो प्रमुख अधिकारी भी केंद्र में हैं—सिविल जज आदित्य सिंह, जिनके आदेश पर सर्वे हुआ, और CO अनुज चौधरी, जिन्होंने हिंसा को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाई।

जामा मस्जिद का सर्वे और विवाद की शुरुआत

जामा मस्जिद के सर्वे का आदेश सिविल जज आदित्य सिंह ने दिया था। याचिका में दावा किया गया था कि 1526 में इस मस्जिद के निर्माण के लिए एक मंदिर को तोड़ा गया था। अदालत ने याचिका को सुनने के बाद सर्वे का आदेश दिया, जिसके बाद से क्षेत्र में तनाव बढ़ गया।

कौन हैं जज आदित्य सिंह?

सिविल जज आदित्य सिंह, जो संभल में तैनात हैं, मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं।

  • जन्म: 11 नवंबर 1988
  • सेवा में प्रवेश: 13 जून 2018
  • पदोन्नति: 18 नवंबर 2023
  • तैनाती: सहारनपुर, बिजनौर, और अब संभल

आदित्य सिंह का स्थानांतरण जुलाई 2022 में बिजनौर के चांदपुर में हुआ था। हाल ही में, 21 नवंबर 2023 को उन्हें चंदौसी, संभल में सिविल जज नियुक्त किया गया।

DSP अनुज चौधरी: हिंसा में घायल, पुलिसबल की गरिमा का किया बचाव

CO अनुज चौधरी, जो DSP रैंक के अधिकारी हैं, हिंसा के दौरान घायल हो गए।

  • जन्म: 15 जुलाई 1978
  • सेवा में प्रवेश: 31 अक्टूबर 2012
  • पृष्ठभूमि: अर्जुन अवॉर्ड विजेता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुश्ती में भारत का मान बढ़ा चुके हैं।
  • उपलब्धियां:
    • 2002 और 2010 नेशनल गेम्स में दो सिल्वर मेडल
    • एशियाई चैंपियनशिप में दो कांस्य पदक

हिंसा के दौरान अनुज चौधरी के पैर में गोली लगी। उनका एक बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने कहा, “पुलिसकर्मी मरने के लिए भर्ती नहीं हुए हैं। उनके भी परिवार हैं।”

विडियो देखें:

सांसद और विधायक पुत्र पर आरोप

FIR में सांसद जियाउर्रहमान बर्क और विधायक के बेटे सुहैल इकबाल पर आरोप है कि उन्होंने मस्जिद जाकर नमाज अदा की और भीड़ को भड़काने वाले बयान दिए। उनके कथित बयानों के बाद हिंसा भड़की, जिसमें कई सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया।

सीएम योगी को भेजी गई रिपोर्ट

संभल हिंसा के मामले में पुलिस और जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी है।

  • रिपोर्ट में शामिल बिंदु:
    • सर्वे टीम के आने-जाने का विवरण
    • हिंसा की शुरुआत और भड़काऊ भाषणों का ब्यौरा
    • पुलिस और प्रशासन द्वारा उठाए गए कदम

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!